इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। कई सदस्यों के साथ भी विवाद जुड़ा हुआ है। इनकी योग्यता को आधार बनाकर प्रतियोगियों की ओर से याचिका दाखिल करने की भी तैयारी की गई है। ऐसे में इनमें से किसी को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने पर विवाद और गहराने की आशंका है। कार्यवाहक अध्यक्ष की नियुक्ति में देरी के पीछे इसे भी एक कारण माना जा रहा है।
आयोग में इस समय राजेंद्र कुमार वरिष्ठतम सदस्य हैं। हालांकि राजेंद्र कुमार का एक महीने के भीतर ही कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनके अलावा फरमान अली, मेजर संजय यादव, सुनील जैन और जयराम वैद्य सदस्य हैं। हाईकोर्ट ने उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति को जिस तरह से योग्यता के आधार पर निरस्त किया है, उसे देखते हुए भी लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों की नियुक्ति पर भी भी सवाल उठने लगा है। एक सदस्य बीएमएस हैं तो दूसरे डिग्री कालेज में प्रवक्ता है। एक अन्य सदस्य की योग्यता पर काफी विवाद है। अनिल यादव के खिलाफ कानूनी लड़ने वाले प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति से जुड़े प्रतियोगियों की ओर से इन सदस्यों के खिलाफ भी दशहरा के बाद याचिका दाखिल करने की तैयारी है। ऐसे में इनमें से किसी को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने पर विवाद बढ़ने की आशंका है।