कई घंटे तक ट्रिपल आईटी चौराहे पर पड़ा रहा अशरफ हरवारा, दोनाली बंदूक को आरी से कटवाकर फेंकवा दिया था प्रयागराज। अतीक के भाई अशरफ को गैंग का सबसे खूंखार आदमी माना जाता था। 2016 में उसने ट्रिपल आईटी चौराहे पर दिनदहाड़े अपने ही गुर्गे गुलफुल के दामाद अशरफ हरवारा को हॉकी और डंडों से पीटकर हाथ पैर तोड़ दिया था।
इसके बाद काफी देर तक अशरफ हरवारा घायल अवस्था में पड़ा रहा। अतीक के भाई ने अशरफ हरवारा की दोनाली बंदूक आरी से तीन टुकड़ों में कटवाकर फिंकवा दी थी। उसका खौफ इतना था कि अशरफ हरवारा ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई थी। गुलफुल प्रधान अतीक का बेहद करीबी गुर्गा था। अशरफ हरवारा ने उसकी बेटी के साथ शादी की तो उसके दिन भी अच्छे होने लगे।
अशरफ हरवारा ने जमीन समेत अन्य धंधे शुरू कर दिए। अतीक गिरोह का एक अघोषित नियम था कि चाहे जहां से कमाओ, उसका बड़ा हिस्सा अतीक तक पहुंचना चाहिए। अशरफ ने एक बार नियम की अनदेखी कर दी। यह 2016 की बात है। अशरफ को इस बात की जानकारी हुई तो उसने अतीक से बात की। इसके बाद अशरफ अपने लोगों को लेकर ट्रिपल आईटी चौराहा पहुंचा। यह चौराहा काफी भीड़ भाड़ वाला है।
अशरफ ने वहीं पर अशरफ हरवारा को बुलवाया। हॉकी और स्टिक से इतना मारा कि अशरफ हरवारा के हाथ पैर टूट गए। इसके बाद अशरफ अपनी गाड़ी पर बैठ गया। अशरफ हरवारा काफी देर तक तड़़पता रहा लेकिन अशरफ के डर के कारण कोई भी उसे उठाने नहीं आया। अशरफ ने अशरफ हरवारा की दोनाली बंदूक को वहीं पर आरी से तीन हिस्सों में कटवाकर फेंकवा दिया। उसके जाने के बाद अशरफ हरवारा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह महीनों अस्पताल में भर्ती रहा। तब जाकर ठीक हुआ। खौफ का यह आलम था कि अशरफ हरवारा ने इस मामले में एफआईआर ही नहीं दर्ज कराई।
कचहरी के पास किया अपहरण का प्रयास, अतीक ने फोन पर धमकाया
2016 में ही अशरफ हरवारा को कचहरी के पास से अपहरण का प्रयास किया गया था। इसके बाद अतीक ने उसे फोन पर धमकाया भी था। कहा था कि उसे मरियाडीह के लड़कों से उसके क्षेत्र में ही पिटवाएगा। इसका ऑडियो भी वायरल हुआ था। हालांकि इस मामले में अशफर ने अतीक और उसके गुर्गों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी।