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कुंभ के लोगों में जुड़ेगा ‘ऊं’

Sat, 20 Jan 2018 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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कुंभ का लोगो - फोटो : amar ujala
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कुंभ-2019 के लोगों में परिवर्तन होने जा रहा है। अब उसमें ‘ऊं’ जुड़ेगा। शासन से निर्देश मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, इस परिवर्तन के बाद भी लोगो में कुंभनगरी या उसके प्रतीकों का जिक्र नहीं होगा। लंबे समय के मंथन के बाद कुंभ का लोगो तैयार किया गया। कलश के अलावा उसमें संताें और मंदिर को शामिल किया गया है। लोगो में स्वास्तिक का चिह्न भी है। कुंभ-2019 की ब्रांडिंग के तहत इसी लोगो पर आधारित होर्डिंग देश भर में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों आदि प्रमुख स्थलों पर लगाए गए हैं। दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षाें को भी भेट किए जा चुके हैं। सरकारी विभाग की फाइलों पर भी यही लोगो लगाने का आदेश दिया गया है, लेकिन इन कवायदों के बीच इसके प्रारूप पर सवाल भी उठने लगे हैं। लोगो प्रयाग के प्रतीकों से अछूता है। इस पर कलाकारों और संतों ने आपत्ति दर्ज कराई है। इन आपत्तियों के बीच लोगो में आंशिक परिवर्तन का निर्णय लिया गया है। मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि लोगों में स्वास्तिक के स्थान पर ‘ऊं’ होगा। मंडलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल ने बताया कि  शासन के निर्देश पर लोगो में ‘ऊं’ जोड़ा जा रहा है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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इलाहाबाद। योगी सरकार के शुक्रवार को 10 महीने पूरे हो गए। विश्व हिंदू परिषद के संत सम्मेलन में शामिल मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। इसी बहाने उन्होंने जाति आधारित राजनीति पर भी कटाक्ष किया। कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में भेदभाव अथवा अन्याय किसी के साथ नही किया गया। भारतीय संस्कृति के अनुरूप ‘सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया’ के भाव के साथ विकास कार्यों को सब तक पहुंचाने का कार्य किया गया। किसी प्रकार का तुष्टिकरण नही किया गया और आगे भी नहीं होगा।

मुख्यमंत्री के माघ मेला निरीक्षण तथा हनुमान मंदिर दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ी। परेड से संगम नोज तक की सड़क पर आवागमन उनके आने से काफी पहले रोक दिया गया। इसकी वजह से जगह-जगह स्नानार्थियों का जमावड़ा रहा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर श्रद्धालुओं को काफी घुमाया भी गया। इतना ही नहीं विश्व हिंदू परिषद के शिविर के आसपास की दुकानें भी बंद करा दी गईं थीं। इससे उनका व्यापार प्रभावित हुआ। इससे लोगों में नाराजगी रही।
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माघ मेला में लगे सुरक्षाकर्मियों ने दिव्यांग को भी नहीं बख्शा। मुख्यमंत्री के आगमन से कुछ देर पहले एक दिव्यांग निरीक्षण स्थल पर पहुंच गया। वह पैर से दिव्यांग था और बैसाखियों के सहारे चल रहा था। पुलिस वालों ने उसे वहां से हटाने की कोशिश की। दिव्यांग ने इसका प्रतिरोध किया तो सुरक्षाकर्मियों ने धक्का दे दिया। इसे लेकर दिव्यांग की सुरक्षाकर्मियों से काफी देर तक झड़प हुई। उसका कहना था कि वह भीख मांगकर गुजर-बसर करता है। उससे किसी को क्या खतरा हो सकता है।
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