Old Yamuna pull became 154 Years old.
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प्रयागराज। ब्रिटिश हुकूमत में बना नैनी पुल 15 अगस्त को 154 वर्ष पूरा कर लेगा। 15 अगस्त 1865 में पुल रेल आवागमन के लिए खोला गया था। तब इसकी कुल लागत 44.46 लाख आई थी। खास बात यह कि पुल की मजबूती की वजह से रेलवे इसे रिटायर करने के मूड में नहीं है। इस बार के आम बजट में इस पुल को संवारने की घोषणा की गई है।
14 पिलर पर यमुना नदी पर बने नैनी पुल की लंबाई 3150 फीट है। इसके एक पिलर की डिजाइन हाथी पांव जैसी है। इस पुल के प्रत्येक पिलर की लंबाई 67 फीट एवं चौड़ाई 17 फीट है। पुल का निर्माण 1855 में शुरू करने की तैयारी की गई थी। बाद में 1859 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। दो मंजिला ठोस लोहे के इस पुल के ऊपरी हिस्से में रेल एवं निचले हिस्से से सड़क यातायात का संचालन होता है। पुल में तकरीबन 30 लाख क्यूबिक ईंट एवं गारा का प्रयोग हुआ है। पिलर के नींव की गहराई 42 फीट तक है और निमभन जलस्तर से गर्डर के नीचे की ऊंचाई 58.75 फीट तक है। इसमें लगाए गए गर्डर का वजन तकरीबन 4300 टन है। वर्ष 1913 में इसे डबल लाइन में परिवर्तित किया गया। 1928-29 में पुराने गर्डरों के स्थान पर नए गर्डर लगाए गए। कुंभ के दौरान पुल की विशेष साज सज्जा की गई थी। तब इसमें एलईडी लाइट एवं फसाड लाइटिंग की गई थी। इलाहाबाद मंडल के पीआरओ सुनील गुप्ता के मुताबिक इस बार के आम बजट में नैनी पुल को संवारने की घोषणा की गई है।