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यूपी पुलिस में मृतक आश्रित कोटे के तहत सब इंस्पेक्टरों की भर्ती 2008 की भर्ती नियमावली के तहत ही की जाएगी। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल विशेष अपील खारिज करते हुए यह आदेश दिया है। सरकार ने एकल न्यायपीठ के आदेश को चुनौती दी थी। खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश को सही ठहराया है।
एकल पीठ के समक्ष मृतक अश्रित कोटे के तहत 19 अगस्त 2015 को लागू नई नियमावली के तहत भर्तियां करने को चुनौती दी गई थी। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे और सीमांत सिंह ने पक्ष रखा। याचिका में कहा गया कि पुलिस विभाग ने 19 अगस्त 2015 को नई नियमावली लागू करके कुछ संशोधन कर दिए। पहले भर्ती उत्तर प्रदेश सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर सर्विस रूल्स 2008 के तहत की जाती थी जिसमें 4.8 किलोमीटर की दौड़ 35 मिनट में पूरी करने का नियम था।
नई नियमावली में समय घटाकर 35 मिनट के बजाए 20 मिनट कर दिया गया। मृतक आश्रित अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए पुलिस विभाग ने 14 अक्तूबर 2014 की कट ऑफ डेट तय की थी। सभी जिलों से आवेदन मंगाए गए थे। पुलिस मुख्यालय में आवेदन पहुंचने के बाद 17, 18 और 19 अगस्त 2015 को अभ्यर्थियों की दौड़ करा ली गई। मगर जिन अभ्यर्थियों के आवेदन 14 अक्तूबर 2014 के बाद और 19 अगस्त 2015 से पहले पहुंचे थे, उनके चयन के लिए नई नियमावली लागू की जा रही है। एकलपीठ ने इस निर्णय को खारिज करते हुए पुरानी नियमावली से चयन करने का आदेश दिया था।
प्रदेश सरकार ने इसके खिलाफ अपील दाखिल की। न्यायमूर्ति वीके शुक्ला और न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी की पीठ ने अपील खारिज करते हुए एकलपीठ के निर्णय को सही करार दिया है तथा पुरानी नियमावली के तहत ही भर्ती करने का निर्देश दिया है।