हाईकोर्ट की फटकार के बाद एडीए और नगर निगम ने बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस इलाके में जबरदस्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया। प्रधान डाकघर से एजी आफिस तक फिर थार्नहिल रोड पर हीरा हलवाई चौराहे तक 33 पक्की दुकानें जेसीबी लगाकर जमींदोज कर दी गईं। शाम को मेडिकल चौराहे से एमजी मार्ग पर पत्थर गिरजाघर तक 70 गुमटी-ठेले ध्वस्त किए गए। दो दर्जन भट्ठियां भी तोड़ी गईं। अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस, पीएसी की मौजूदगी में अफसरों का विरोध भी किया गया। इस दौरान अतिक्रमण करने वालों से करीब 7500 रुपये जुर्माना भी वसूला गया।
एडीए और नगर निगम का संयुक्त अभियान जोनल अधिकारी आलोक पांडेय व पीयूष मोहिले के नेतृत्व में दिन में 11 बजे पत्थर गिरजाघर से शुरू हुआ। सबसे पहले जीपीओ के पास निगम की चार पक्की और दो अस्थायी दुकानें जेसीबी लगाकर तोड़ी गईं। फिर पुलिस, पीएसी के साथ तोड़ू दस्ता दो जेसीबी के साथ एजी आफिस की ओर चला। सब्जी मंडी चौराहे पर एक दर्जन ठेले-गुमटी उजाड़ दस्ते ने एडीए की पक्की दुकानों को तोड़ना शुरू किया। एक के बाद एक दुकानें गिराई जाने लगीं। इस दौरान दुकानदारों ने विरोध करते हुए एजी गेट पर अफसरों को घेर लिया। वहां पुलिस ने स्थिति संभाली। फिर कार्रवाई शुरू हुई तो थार्नहिल रोड पर साईं मंदिर से हीरा हलवाई चौराहे तक एडीए की दुकानों को जेसीबी ने जमींदोज कर दिया। यहां नौ पक्की दुकानें तोड़ी गईं लेकिन हीरा हलवाई की दो मिठाई की दुकानें छोड़ दी गईं। इसका अन्य दुकानदारों ने विरोध किया, जो अफसरों पर बेअसर साबित हुआ। अभियान के कारण सिविल लाइंस इलाके में रोड पटरी पर कारोबार करने वाले स्ट्रीट वेंडर खौफ में रहे।
एमजी मार्ग पर बृहस्पतिवार शाम रोड पटरी पर कारोबार करने वाले खौफ में रहे। मेडिकल चौराहे से एसआरएन अस्पताल को जाने वाली रोड और गेट के आसपास अतिक्रमण हटाकर निगम का तोड़ू दस्ता एमजी मार्ग पर पहुंचा। छोटी बड़ी दुकानों को ध्वस्त कर पीडी पार्क चौराहे पर बिना किसी को मौका दिए 15 छोटी बड़ी दुकानें, गुमटियां ध्वस्त कर छह भट्टियां तोड़ी गईं। पत्थर गिरजा घर तक रोड पटरी पर लगी छोटी बड़ी दुकानें, ठेले, खोमचे वालों को खदेड़कर हटाया गया। जो चूका उसका सामान जब्त कर लिया। सुभाष चौराहे पर कार में चल रही पान की दुकान और आइसक्रीम पार्लर चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। 12 चाट ठेलों वालों को भारी नुकसान हुआ। लोगों को सामान समेटने तक का मौका नहीं मिला। सनद के लिए अफसरों ने सुबह से शाम तक हुई कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई।
सुबह से देर शाम तक चली अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दस्ते के जाते ही बेअसर दिखी। पक्की दुकानों के बगल और रोड पटरी पर ठेले लग गए। किसी ने बेंच लगाई तो किसी ने मेज। एमजी मार्ग पर भी दुकानें सज गई। तमाम लिखापढ़ी के बाद भी सिविल लाइंस पुलिस दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है।
सिविल लाइंस में एडीए और नगर निगम अगले छह दिन तक लगातार अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाएगा। इलाके की सभी सड़कों और पुटपाथ कब्जा मुक्त किए जाने की योजना है। ताकि अगली तिथि पर हाईकोर्ट में की गई कार्रवाई के बारे में अफसर बता सकें। एमजी मार्ग और आजाद पार्क के इर्दगिर्द ज्यादा जोर रहेगा।
सिविल लाइंस क्षेत्र में नगर निगम की ओर से आवंटित करीब 25 दुकानों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी। निगम ने आवंटियों को नोटिस तो जारी किया था लेकिन निरस्तीकरण की कार्रवाई अभी लंबित है। कानूनी पेच न फंसे इसलिए निगम की दुकानों को छोड़ दिया गया। अफसरों की माने तो दो-चार दिन में सभी दुकानें हटा दी जाएंगी।
सिविल लाइंस में अतिक्रमण हटाने से प्रभावित दुकानदारों ने एडीए और नगर निगम अफसरों पर भेदभाव का आरोप लगाया है। दुकानदारों का कहना है कि नजदीकियों को अफसरों ने मौका दे दिया। साथ ही वेडिंग जोन में कारोबार के लिए जगह मिलने के वादे पर निगम, एडीए प्रशासन खरा नहीं उतर रहा है। कारोबारी जयंत, ओमप्रकाश,अखिलेश चौधरी, रीतेश, बबलू, अर्जुन आदि ने उजाड़े गए लोगों को विस्थापित करने की मांग की है।