कुछ दिनों पहले तिग्मांशु इलाहाबाद विश्वविद्यालय आए थे। इस दौरान वह विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग भी गए। विभाग के पीछे काफी पुराना ड्रामा हॉल है, जो जर्जर अवस्था में होने के कारण बंद पड़ा है।
मशहूर फिल्म निर्देशक तिग्मांशु धुलिया ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) का पुराना ड्रामा हॉल खोले जाने के लिए कुलपति के समक्ष प्रस्ताव रखा है। तिग्मांशु ने इसी हाल से अपने कॅरियर की शुरुआत की थी।
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कुछ दिनों पहले तिग्मांशु इलाहाबाद विश्वविद्यालय आए थे। इस दौरान वह विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग भी गए। विभाग के पीछे काफी पुराना ड्रामा हॉल है, जो जर्जर अवस्था में होने के कारण बंद पड़ा है। विश्वविद्यालय में अब सेंटर फॉर फिल्म एंड थिएटर में नाटकों का मंचन होता है, लेकिन काफी पहले इसी ड्रामा हॉल में नाटकों को मंचन होता था। तिग्मांशु धुलिया ने भी अपने जीवन की पहली प्रस्तुति इसी ड्रामा हाल के मंच पर दी थी। विश्वविद्यालय आए तिग्मांशु ड्रामा हॉल पर लगा ताला खुलवाकर अंदर पहुंचे तो उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं।
उन्होंने कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव से भेंट के दौरान अनुरोध किया कि सीनेंट कैंपस स्थित ड्रामा हॉल एक समृद्ध नाट्य परंपरा की विरासत का द्योतक है। विश्वविद्यालय अगर इसका पुनरोद्धार कराके इसे प्रयोग के लायक बना सके तो यह नाट्य जगत के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में विकसित हो सकता है। इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर के अनुसार कुलपति ने कहा है कि अभी विश्वविद्यालय में संसाधनों की कमी है, लेकिन जब भी संसाधन जुटाए जा सकेंगे तो इस दिशा में प्रयास जरूर किया जाएगा।