मारपीट के मामले में आरोपियों की तलाश में दबिश देने गई मानिकपुर पुलिस ने कार्रवाई का विरोध करने पर वृद्धा को पीट दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। उपचार के लिए लखनऊ ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी होने पर लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजन ग्रामीणों के साथ शव लेकर मानिकपुर थाने पहुंचकर हंगामा करने लगे। थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। सीओ कुंडा ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत कराया।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के काक्षी पट्टी मोहल्ला निवासी अलीबख्श का कटरा वार्ड के सभासद रिजवान अहमद से कुछ दिनों पहले विवाद हो गया था। इस मामले में रिजवान ने अलीबख्श के परिवार वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। केस दर्ज होने के बाद से अलीबख्श के परिवार के सदस्य घर छोड़कर फरार चल रहे थे।
अलीबख्श के परिजनों का आरोप है कि शनिवार की रात दो बजे मानिकपुर पुलिस विपक्षी सभासद रिजवान को साथ लेकर उनके घर दबिश देने पहुंची। घर में किसी के न मिलने पर पुलिस तोड़फोड़ करने लगी।
विरोध करने पर अलीबख्श की पत्नी शरीफुननिशा (60) की पिटाई कर दी। शोरशराबे पर आसपास के लोग जुटे तो पुलिसकर्मी चले गए। कुछ देर बाद शरीफुन की हालत बिगड़ने लगी। मोहल्ले के लोग उसे लेकर रायबरेली स्थित अस्पताल पहुंचे। वहां सुधार न होने पर लखनऊ ले जा रहे थे। रास्ते में उसकी सांसें थम गईं। रविवार की सुबह 10 बजे परिवार के लोग शरीफुननिशा का शव लेकर मानिकपुर थाने पहुंचे और पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।
परिवार के लोगों का कहना था कि पुलिसकर्मियों के साथ सभासद रिजवान और उसके करीबियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। हंगामे की खबर मिलने पर सीओ कुंडा राधेश्याम मौके पर पहुंचे। परिवार के सदस्यों से बातचीत करने के बाद तहरीर देने को कहा। हालांकि कुछ देर बाद परिजन शव को लेकर घर चले गए।
सीओ कुंडा राधेश्याम ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया। पुलिसकर्मियों पर वृद्धा की पिटाई का आरोप लगाते रहे, लेकिन कोई तहरीर नहीं दी। जिसके चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी।