संगमनगरी की भिंडी सात समंदर पार सउदी अरब और जर्मनी की थालियों का जायजा बढ़ा रही है। भिंडी के साथ ही मिर्चा और करैला का भी स्वाद सउदी अरब के लोग ले रहे हैं। इस उन्नतशील सब्जी की खेती से 10 गांवों के 613 किसानों की तकदीर संवर गई है। अब वह सब्जी की इस खेती से बेहतरी की राह पर हैं।
चार सौ बीघा क्षेत्रफल में उन्नतशील सब्जी की प्रजातियों की खेती सात समंदर पार के स्वाद के शौकीनों के लिए की जा रही है। इस तरह की खेती के लिए किसानों के बीच प्रेरणास्रोत बने हैं उन्नतिशील किसान उमेश पटेल। फूलपुर ब्लाक के रमईपुर गांव के निवासी उमेश सब्जियों की खेती से बड़े सपने संजोने वाले अकेले किसान नहीं है। उन्होंने एमएससी करने के बाद सात वर्ष पहले नौकरी की तलाश शुरू की , लेकिन जब नौकरी नहीं मिली, तब खेती को रोजगार का उन्होंने माध्यम बनाया।
अपने गांव रमईपुर के अलावा, करनपुर, धमनिया, सीढ़ीपुर, चकिया, सरस्वतीपुर, कुआडीह, कलापुर गांवों के किसानों को एकजुट कर खेती के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इन गांवों के 613 किसानों को मिलाकर किसान उत्पादक संगठन ( एफपीओ) बना लिया। मिट्टी की जांच कराकर भिंडी, मिर्चा, करैला की खेती करना शुरू किया। शुरूआत में बाजार न मिल पाने से सब्जी के उत्पादों की खपत को लेकर दिक्कत पैदा हुई, लेकिन अब उनके खेतों की सब्जियां जर्मनी और सऊदी अरब में प्रतिदिन भेजी जा रही हैं। उमेश बताते हैं कि इससे वह आठ से 10 लाख रुपये की वह सालाना आमदनी कर रहे हैं।उनके साथ जुड़े किसान भी प्रतिदिन बड़ी मात्रा में मिर्चा, करैला, भिंडी की खेप सऊदी अरब भेज रहे हैं।
अब ढैंचा के बीजों से बदलेगी तकदीर
अब जल्द ही बीज उत्पादन के क्षेत्र में कदम बढ़ाकर किसान उमेश पटेल ढैंचा का बीज पैदा करने की तैयारी में हैं। इसके लिए कृषि विभाग से अनुबंध करने का आश्वासन कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने उन्हें दिया है। हैदराबाद की एक कंपनी से भी उनकी बातचीत चल रही हैं।