Officials said, preparations complete but Kalpavasi agonized
- फोटो : CITY DESK
अफसरों ने कहा, तैयारी पूरी लेकिन कल्पवासी हलकान
0 हर तरफ दलदल और कीचड़, सुविधाओं के टोटा से बढ़ी मुसीबत
0 शिविरों में शौचालय तक की व्यवस्था नहीं, लगानी होगी लंबी दौड़
प्रयागराज। पौष पूर्णिमा स्नान के साथ माघ मेले की शुरुआत शुक्रवार से हो जाएगी। अफसरों के अनुसार मेले की तैयारी पूरी हो गई है। कहीं कोई परेशानी नहीं है। इसके विपरीत कल्पवासियाें की मुसीबत बढ़ गई है। हर तरफ कीचड़ और दलदल तो है ही सुविधाओं के अभाव में उनकी परेशानी और बढ़ गई है। बड़ी संख्या में शिविरों में शौचालय ही नहीं बने हैं। ऐेसे में उन्हें लंबी दूरी तय करके सामुदायिक शौचालय में जाना पड़ेगा। इसका नतीजा है कि खुले में शौच की शिकायत भी शुरू हो गई है।
ज्यादातर कल्पवासियों को झूंसी की तरफ बसाया गया है लेकिन वहां दलदल, कीचड़ की अधिक शिकायत है। इसके अलावा पानी, बिजली आदि की व्यवस्था न होने की भी शिकायत है। बुजुर्ग महिला अनारकली का मोरी मार्ग पर टेंट लगा है। उनका कहना था कि उन्होंने रात भर पानी हटाया लेकिन अब भी कीचड़ बना हुआ है। समाज सेवी फूलचंद दुबे का कहना था कि संतो, कल्पवासियों को बालू तक नहीं मिल रहा। शिविरों में शौचालय नहीं है। संतों को पूर्व की तुलना में कम शौचालय दिए गए हैं। कल्पवासी छोटी-छोटी सुविधा के लिए परेशान हैं।
मेले में कीचड़ और दलदल के अलावा सबसे अधिक शिकायत शौचालय को लेकर ही है। मेला क्षेत्र में पांच हजार सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। इसके लिए शिविरों के कोटे में कटौती करके 13 हजार शौचालय बनाने का निर्णय लिया गया है। इसकी भी सच्चाई यह है कि अभी तक करीब छह हजार शौचालयों की पर्ची काटी गई है। इसमें भी करीब चार हजार शौचालय बने हैं। इसे लेकर संतों और कल्पवासियों में नाराजगी है।