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जांच में लापरवाही पर नप सकते हैं अधिकारी भी

Fri, 28 Apr 2017 02:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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 रेप के बाद दो बहनों की मां-बाप समेत हत्या की घटना के चौथे रोज उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या भी सहावपुर गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार और दंपति के बेटे-बेटी से मिलकर घटना पर दुख जताया और भरोसा दिया कि नामजद आरोपियों के अलावा भी अगर अन्य अपराधी घटना में शामिल हैं तो उन्हें भी पुलिस गिरफ्तार करेगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि घटना की गहराई से छानबीन हो ताकि असल अपराधियों का पता लगाकर जेल भेजा जा सके।
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डिप्टी सीएम का हेलीकाप्टर लगभग 9:45 पर सहावपुर गांव पहुंचा। उन्होंने लगभग आधे घंटे तक पीडित परिवार के लोगों और बेटी-बेटे से बात की। मौके पर मौजूद अधिकारियों को चेताया क जांच में लापरवाही बरती गई तो कठोर कार्रवाई होगी। अभी तो  इंस्पेक्टर और सिपाहियों को सस्पेंड किया गया है। जरूरी हुआ तो कई अधिकारी भी नप सकते हैं। केशव ने मुख्यमंत्री कोष से आठ लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा करते हुए अधिकारियों से रकम तत्काल पीड़ित परिवार के खाते में स्थानांतरित करने को कहा। दुखी परिजन की मांग पर आवासीय सुविधा देने के साथ भूमिहीन को जमीन पट्टा किये जाने को कहा।

 इस दौरान केशव ने कहा कि प्रशासन पूरी जिम्मेदारी के साथ सच्चाई सामने लाकर दोषियों पर कार्रवाई करे। पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया कि गुरुवार सुबह सर्किट हाउस से सहावपुर लाने के लिए प्रशासन ने हीलाहवाली की। डिप्टी सीएम ने इस पर मामले की जांच कराये जाने का आदेश दिया। इस दौरान विधायक विक्रमाजीत मौर्य, हर्षवर्धन वाजपेयी, जिलाध्यक्ष अमर नाथ तिवारी, पूर्व विधायक प्रभाशंकर पाण्डेय, कन्हैया लाल पाण्डेय समेत कई नेता मौजूद रहे।
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बेटी चाहती है कि हो सीबीआई जांच
मारे गए दंपति की बेटी रंजना उर्फ बबीता को शायद पुलिस पर भरोसा नहीं है इसलिए उसने मांग की है कि हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराई जाए। उसने प्रार्थनापत्र देकर कहा है कि उसकी बहनों और माता-पिता के साथ हैवानियत करने वाले लोगों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। बबीता ने लिखा है उसकी बहन के साथ इस कदर बेरहमी की गई कि स्तन भी काट दिए थे। वे चीख नहीं सकें इसलिए मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया। आंखें फोड़ दी गईं। अगर पुलिस सभी दोषियों को नहीं सजा दिला पाती तो हमें ही फांसी की सजा दे दी जाए। रंजना ने उसे और भाई रंजीत को शैक्षिक योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी, 50-50 लाख की मदद और सुरक्षा के लिए शहर में मकान उपलब्ध कराया जाए। दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में तेजी से मुकदमा चलाया जाए ताकि उन्हें जल्द सजा मिल सके। रंजीत ने तो डिप्टी सीएम से मुलाकात के दौरान लखनऊ में मकान की मांग की क्योंकि उसे यहां खतरा है। उसे हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया।
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