प्रयागराज। अवैध खनन पर शासन की सख्ती के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। मंगलवार और बुधवार की रात में अवैध खनन तथा बिना अनुमति बालू-गिट्टी की ढुलाई करने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान डीएम भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी सत्यार्थ अनिरूद्ध पंकज खुद मौजूद रहे। अलग-अलग कार्रवाई में 86 वाहन पकड़े गए। इसमें फर्जी रवन्ना के मामले में भी सामने आए।
खासतौर पर यमुनापार में बालू और गिट्टी के अवैध खनन की लगातार शिकायतें की जा रहीं थीं लेकिन अफसरों ने हर शिकायत की अनदेखी की। हालांकि निदेशालय की जांच में अवैध खनन की बात सामने आने के बाद प्रभारी खनन अधिकारी समेत कई अन्य के खिलाफ कार्रवाई की गई है। साथ ही अवैध खनन पर प्रभावी रोक के लिए सीधे तौर पर डीएम को निर्देश दिया गया। इसके बाद एडीएम, एसडीएम की अगुवाई में अफसरों की अलग-अलग टीम बनाकर वाहनों की जांच की गई। डीएम तथा एसएसपी खुद नैनी के लेप्रोसी चौराहे पर डटे रहे। रीवा रोड, मिर्जापुर रोड आदि स्थानों पर पर चलाए गए अभियान में कुल 79 वाहनों का चालान किया गया। सात वाहन सीज भी कर दिए गए। डीएम ने इस तरह का अभियान लगातार जारी रखने का निर्देश दिया।
अन्य अफसरों पर भी गिर सकती है गाज
अवैध खनन मामले में खनिज विभाग के अलावा कलेक्ट्रेट के अफसर भी निशाने पर हैं। निदेशालय ने जिले में अवैध खनन की शिकायतों की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बना दी है। इसके विपरीत इन्हीं शिकायतों की जिला स्तर पर लगातार अनदेखी की गई। घुरपुर, कंजासा, पनासा आदि क्षेत्रों में अवैध खनन, बिना रवन्ना बालू की निकासी आदि की अलग-अलग संस्थाओं की ओर से कई बार शिकायत की गई लेकिन अफसर लगातार यही कहते रहे कि सबकुछ ठीक चल रहा है। गौर करने वाली बात यह भी है कि अभी घाटों का सर्वे तक नहीं हुआ है। जबकि, इसके लिए पिछले वर्ष मई में ही निर्णय हुआ था। अब इन शिकायतों की अनदेखी करने वाले अफसरों पर भी जांच कमेटी की नजर होगी।
एनजीटी ने भी खनन पर मांगा जवाब
एनजीटी ने भी जिले में खनन की बाबत रिपोर्ट मांगी है। बुधवार को सर्किट हाउस में हुई बैठक में खनन के हर पहलू से समीक्षा की। अफसरों ने अवैध खनन पर प्रभावी रोक का निर्देश दिया।
वरिष्ठ खान अधिकारी ने संभाला कार्यभार
अवैध खनन मामले में निदेशालय से कार्रवाई के बीच वरिष्ठ खान अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कार्यभार संभाल लिया। वरिष्ठ खान अधिकारी बीपी यादव के निलंबन के बाद पिछले वर्ष अंजनी कुमार की तैनाती की गई थी लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वह लंबे समय से छुट्टी पर थे।