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आज से हाईकोर्ट में मुकदमों का दाखिला बंद

Tue, 17 Mar 2015 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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हाईकोर्ट के वकीलों ने कचहरी के अधिवक्ताओं के समर्थन में न्यायिक कार्य का बहिष्कार जारी रखने का फैसला लिया है। मंगलवार को हुई आम सभा में यह भी तय किया गया कि बुधवार से मुकदमों का दाखिला बंद कर दिया जाएगा। कोई भी अधिवक्ता रिपोर्टिंग सेक्शन में नई याचिका दाखिल नहीं करेगा। एक कमेटी बनाई गई है जो गेट संख्या तीन पर मौजूद रहकर वकीलों द्वारा न्यायिक कार्य का बहिष्कार कराना सुनिश्चित करेगी।
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लाइब्रेरी हॉल में हुई सभा में तय किया गया कि बुधवार को भी वकील न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। ओपी सिंह, राधाकांत ओझा, दयाशंकर मिश्र, शशि प्रकाश सिंह, प्रकाश सिंह, विष्णु पांडेय, संतोष मिश्र, केके द्विवेदी, हरबंश सिंह, आशुतोष तिवारी, हरीश शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह सुबह साढ़े नौ बजे से गेट संख्या तीन पर मौजूद रहेंगे। अध्यक्ष और महासचिव वरिष्ठ अधिवक्ताओं का शिष्ट मंडल भी गठित किया गया है, जो चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से मुलाकात कर समस्या के निस्तारण का प्रयास करेगा।

हाईकोर्ट के वकीलों ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर के बयान की निंदा की है तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। वरिष्ठ अधिवक्ता वीबी उपाध्याय, एसपी गुप्ता, यूएन शर्मा, आरके जैन, आरके ओझा को वैधानिक उपाय सुझाने के लिए अधिकृत किया गया है। आम सभा की अध्यक्षता राकेश पांडेय ने और संचालन सीपी उपाध्याय ने किया। एके ओझा, अभिषेक सिंह चौहान, केके द्विवेदी, मृत्युंजय तिवारी, विवेक मिश्र, कन्हैयालाल चौहान, जटाशंकर पांडेय, संतोष राय, गोविंद तिवारी सहित वकीलों ने सभा को संबोधित किया। यह जानकारी प्रेस सचिव राहुल कुमार पांडेय ने दी है।
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हाईकोर्ट बार के पूर्व महासचिव अनिल तिवारी बुधवार से घटना के विरोध में अनशन करेंगे। अनिल तिवारी ने कहा कि शासन जानबूझकर इलाहाबाद के एसएसपी और डीएम का स्थानांतरण नहीं कर रहा है। 48 घंटे की मोहलत समाप्त हो गई है। इसलिए बुधवार से हाईकोर्ट के सामने अनशन किया जाएगा। महिला अधिवक्ता वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष ऋतंधरा मिश्रा के नेतृत्व में महिला वकीलों ने एक शोक सभा का आयोजन कर दिवंगत वकील नबी अहमद को श्रद्धांजलि दी है। महिला वकीलों ने घटना की निंदा करते हुए दोषी अधिकारियोें को हटाने की मांग की है।
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