जिले में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गईं हैं। बूथों के संभाजन की प्रक्रिया के तहत बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट के संगम सभागार में जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आपत्तियों के निस्तारण पर मंथन किया।
जिले में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गईं हैं। बूथों के संभाजन की प्रक्रिया के तहत बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट के संगम सभागार में जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आपत्तियों के निस्तारण पर मंथन किया।
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जिले के 12 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 5151 बूथ हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं की संख्या घटी है। बूथों का निर्धारण मतदाता संख्या के हिसाब से होना है। तकरीबन 200 बूथ कम हो सकते हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से 18 जुलाई तक निर्वाचन आयोग को इस बारे में रिपोर्ट भेजी जानी है।
बैठक के दौरान राजनीतिक दलों की ओर से आईं आपत्तियों के निस्तारण पर भी चर्चा की गई। कुछ बूथों को बदलने के लिए आपत्तियां आईं थीं। वहीं, कुछ आपत्तियां ऐसी भी थीं, जिनमें एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग बूथों पर दर्ज कर लिए गए हैं।
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वहीं, कुछ बूथों की दूरी अधिक होने पर भी आपत्तियां दर्ज कराई गईं हैं। इसके अलावा राजनीतिक दलों की ओर से मांग की गई कि कोरांव विधानसभा क्षेत्र के नेवादा स्थित पुरानी बस्ती की गली के अंदर 200 मीटर की दूरी पर प्राथमिक विद्यालय में मतदान केंद्र बनाया गया है।
गली में अफसरों की गाड़ियां नहीं जा पाती हैं। मांग की गई कि प्राथमिक विद्यालय से मतदान केंद्र हटाकर नए पंचायत भवन में शिफ्ट किया जाए। बैठक में फाफामऊ के विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, फूलपुर के विधायक दीपक कुमार पटेल, करछना के विधायक पियूष रंजन निषाद समेत राष्ट्रीय और राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि आदि रहे।