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पुलिस कमिश्नरेट : लगभग दोगुनी हो जाएगी आईपीएस अफसरों की संख्या, पुलिसिंग में व्यापक पैमाने पर होगा बदलाव

Thu, 10 Nov 2022 06:50 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कमिश्नरेट बनने से पुलिस को मजिस्ट्रेट की शक्तियां मिल जाएंगी। गुंडा, गैंगस्टर समेत अन्य कार्रवाई से संबंधित निर्णय पुलिस कमिश्नर ही ले सकेंगे। इसके अलावा आपात स्थितियों में निपटने के लिए प्रशासनिक अफसरों की अनुमति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यहां तक कि धरना,जुलूस, प्रदर्शन की अनुमति का अधिकार भी पुलिस के पास ही होगा। 
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up police - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पुलिस कमिश्नरेट बनने पर जिले की पुलिसिंग व्यवस्था में व्यापक पैमाने पर बदलाव आने की संभावना है। इसमें आईपीएस अफसरों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी। पुलिस के अधिकार तो बढेंगे ही, मॉनिटरिंग बढ़ने से फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण में भी तेजी आएगी। कमिश्नरेट बनने से पुलिस को मजिस्ट्रेट की शक्तियां मिल जाएंगी। गुंडा, गैंगस्टर समेत अन्य कार्रवाई से संबंधित निर्णय पुलिस कमिश्नर ही ले सकेंगे। इसके अलावा आपात स्थितियों में निपटने के लिए प्रशासनिक अफसरों की अनुमति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यहां तक कि धरना,जुलूस, प्रदर्शन की अनुमति का अधिकार भी पुलिस के पास ही होगा। 

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एक दर्जन आईपीएस होंगे तैनात
जानकारों का कहना है कि कमिश्नरेट बनने पर जिले में आईपीएस अफसरों की संख्या भी बढ़ जाएगी। दरअसल मौजूदा समय में छह आईपीएस जिले में तैनात हैं जिनमें से दो एएसपी हैं। कमिश्नरेट बनने पर कम से कम 12 आईपीएस अफसरों की जरूरत होगी। इनमें से एडीजी स्तर का अधिकारी पुलिस कमिश्नर होगा। जबकि आईजी स्तर के दो अधिकारियों को एसीपी क्राइम व एसीपी मुख्यालय की जिम्मेदारी दी जाएगी।


इसके अलावा एसपी स्तर के अधिकारी को डीसीपी के पद पर तैनात किया जाएगा। मौजूदा व्यवस्था के हिसाब से आठ डीसीपी तैनात होंगे। इनमें डीसीपी क्राइम, मुख्यालय, यमुनापार, गंगापार, ट्रैफिक, क्राइम, प्रोटोकॉल व हाईकोर्ट सुरक्षा होंगे। इसके अलावा एडिशनल एसपी स्तर के अफसरों को एडीसीपी के रूप में तैनात किया जाएगा। 
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