प्रयागराज-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में कोचों की संख्या कम की जा सकती है। यात्रियों की कमी के कारण पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) ने कोचों की संख्या आठ से बढ़ाकर 16 करने के बाद अब इसे फिर से आठ करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। वहीं, रेलवे बोर्ड ने इसके उलट प्रयागराज-गोरखपुर वंदे भारत में 16 से 20 कोच करने के लिए एनईआर से उपयोगिता मांगी है।
गोरखपुर वंदे भारत का मार्च 2024 में लखनऊ से प्रयागराज तक विस्तार किया गया। तब इसमें आठ कोच ही थे। जून 2025 में इस ट्रेन में 16 कोच कर दिए गए। कोच बढ़ाने के बाद भी आक्यूपेंसी 50 से 55 फीसदी ही रही, यानी यह ट्रेन आधी खाली ही चल रही है।
इसे देखते हुए एनईआर ने ट्रेन में कोच कम करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। हालांकि इस बीच रेलवे ने तमाम वंदे भारत में 16 से 20 कोच करने के लिए जोनल रेलवे से उपयोगिता मांगी है। इसमें एनईआर की प्रयागराज-गोरखपुर वंदे भारत भी शामिल है। दरअसल प्रयागराज में लंबे समय से मांग की जा रही है कि वंदे भारत यहां से सुबह चलाई जाए लेकिन ट्रेन दोपहर 3.15 बजे रवाना होती है। इसी समय के आसपास दौरान लखनऊ इंटरसिटी भी प्रयागराज संगम स्टेशन से छूटती है।
इस वजह से प्रयागराज से लखनऊ के बीच वंदे भारत को ज्यादा यात्री नहीं मिलते। अब कहा जा रहा है कि ट्रेन में जून में जोड़े गए आठ कोच हटाए जा सकते हैं। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी का कहना है कि कोच बढ़ाने या घटाने का निर्णय रेलवे बोर्ड ही लेगा।