काले हिरण की बढ़ती संख्या चांद खम्भरिया के जंगल में
संगमनगरी में संकटग्रस्त काले हिरणों के संरक्षण की मुहिम अब रंग ला रही है। मेजा के चांद खमरिया स्थित कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र में काले हिरणों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। वन विभाग ने अप्रैल से अगस्त के बीच यह गणना कराई है।
2022 में हुई गणना के अनुसार, इस क्षेत्र में 406 हिरण थे। वर्तमान में इनकी संख्या बढ़कर करीब 508 हो गई है। इस तरह चार सालों में 102 नई पीढ़ी के हिरणों की वृद्धि हुई है।
वन विभाग के रेंजर डीएन पांडेय और डिप्टी रेंजर मयंक पटेल ने बताया कि महुली कला, चांद खम्भरिया, इटवा कला, किहुनी कला, पुरवा, कटरा और मोजरा पहाड़ी जैसे क्षेत्रों में हिरणों को देखा गया है। इनके खाने-पीने के लिए पसंदीदा घास उगाई गई है। काला और सफेद नमक का भी इंतजाम किया गया है। पानी पीने के लिए कुछ पक्की तथा कुछ कच्ची बावलियां बनाई गई हैं।
संरक्षित क्षेत्र में इंसानी दखल एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, संरक्षित क्षेत्र व उसके आसपास कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लोग कभी मवेशी चराने तो कभी खेती के काम के लिए आवागमन करते हैं। विशेषज्ञों ने इसे हिरणों के संरक्षण के लिए बड़ी चुनौती माना है।