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Mahakumbh: स्नानार्थियों की संख्या 56 करोड़ पार, लगातार पांचवें दिन एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

Wed, 19 Feb 2025 07:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

माघी पूर्णिमा स्नान पर्व के बाद सिर्फ एक दिन रहा जब स्नानार्थियों की संख्या एक करोड़ से कम रही। हालांकि, उस दिन भी 96 लाख से अधिक लोगों ने स्नान किया था। इसके बाद हर दिन करीब सवा करोड़ लोगों ने स्नान किया।

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महाकुंभ में संगम स्नान करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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संगम स्नान के लिए श्रद्धालुओं का रेला लगातार बना हुआ है। बुधवार को लगातार पांचवां दिन रहा जब एक करोड़ से अधिक लोगों ने संगम में डुबकी लगाई। इसका नतीजा रहा कि दिन में 10 बजे ही कुल स्नानार्थियों की संख्या 56 करोड़ पार हो गई। माघी पूर्णिमा स्नान पर्व के बाद सिर्फ एक दिन रहा जब स्नानार्थियों की संख्या एक करोड़ से कम रही। हालांकि, उस दिन भी 96 लाख से अधिक लोगों ने स्नान किया था। इसके बाद हर दिन करीब सवा करोड़ लोगों ने स्नान किया।

त्रिवेणी के प्रति आस्था एवं श्रद्धा का यह रेला बुधवार को भी दिखाई दिया। काली, त्रिवेणी, बांध, नागवासुकी, संगम लोअर समेत सभी मार्गों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। स्थिति यह रही अखाड़ों के अलावा ज्यादातर संत भी जा चुके हैं। इसके बावजूद इन क्षेत्रों के ज्यादातर मार्गों पर भी श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ बनी रही। इसका नतीजा रहा कि संगम एवं झूंसी की तरफ ऐरावत के अलावा अन्य घाटों पर भी स्नानार्थियों की कतार लगी रही। यह सिलसिला भोर से शुरू हुआ तो देर शाम तक जारी रहा।

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इसका नतीजा रहा कि दिन में 10 बजे तक ही कुल स्नानार्थियों की संख्या 56 करोड़ पार हो गई। मेला प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मंगलवार तक कुल 55.56 लोग स्नान कर चुके हैं। वहीं बुधवार की सुबह 10 बजे तक 49 लाख से अधिक लोग स्नान कर चुके थे। इस तरह से कुल स्नानार्थियों का आंकड़ा सुबह 10 बजे ही 56 करोड़ पार हो गया। वहीं शाम छह बजे तक 1.08 करोड़ लोग स्नान कर चुके थे।

महाकुंभ की तैयारी पर सीएम की रही नजर, 16 बार किया दौरा

महाकुंभ पर्व के समापन में अब सात दिन ही शेष बचे हैं लेकिन इसमें स्नान को लेकर पूरे देश के लोगाें का उत्साह बना हुआ है। इसका अनुमान पहले से था और इसे ध्यान में रखकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।

खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हर तैयारी पर नजर रही। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि अक्तूबर से अब तक मुख्यमंत्री 16 बार प्रयागराज एवं महाकुंभ नगर में आ चुके हैं। जबकि, फूलपुर विधानसभा उपचुनाव की वजह से बीच में आचार संहिता भी लागू रही और वे उस दौरान निर्माण कार्यों की समीक्षा नहीं कर पाए।

छह अक्तूबर को प्रयागराज आए मुख्यमंत्री ने आईसीसीसी में महाकुंभ के लोगो, वेबसाइट, ऐप का लोकार्पण किया था। इसके बाद वह 16 बार यहां आए।इस दौरान मुख्यमंत्री सीएम योगी ने न सिर्फ तैयारियों, व्यवस्थाओं और सुविधाओं की समीक्षा की, बल्कि 13 अखाड़ों, प्रमुख संतों और धर्मगुरुओं से संवाद कर महाकुंभ को और भव्य बनाने के सुझाव लिए। श्रद्धालुओं की सुविधाओं से लेकर साधु-संतों के सत्कार तक, हर व्यवस्था का सीएम योगी ने खुद जायजा लिया। यही नहीं, अमृत स्नान और प्रमुख स्नान पर्वों पर सीएम योगी ने आवास से ही नजर रखे रहे।

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कब-कब आए मुख्यमंत्री

  • 27 नवंबर - इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। महाकुंभ से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा भी की।
  • 07 दिसंबर- प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पूर्व संत समाज को आमंत्रित किया। अरैल बंधा रोड, त्रिवेणी पुष्प, फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट और शिवाजी पार्क का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही पीएम मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की और दिशा निर्देश दिए।
  • 12 दिसंबर - पीएम मोदी के दौरे से पहले केंद्रीय अस्पताल, किला घाट जेटी, पीएम कार्यक्रम स्थल, अक्षय वट, हनुमान कॉरिडोर, सरस्वती कूप का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया।
  • 13 दिसंबरः पीएम मोदी के साथ कार्यक्रम में सहभागिता।
  • 23 दिसंबरः टेंट सिटी का निरीक्षण, दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की आरती, स्वरूपरानी मेडिकल कॉलेज में बर्न वार्ड का निरीक्षण और तैयारियों की समीक्षा।
  • 31 दिसंबरः बायो सीएनजी प्लांट का निरीक्षण, संगम नोज का निरीक्षण, त्रिवेणी पूजन, समीक्षा बैठक।
  • 09 जनवरीः 13 अखाड़ों, दंडीबाड़ा, खाकचौक और योगी महासभा के शिविर में पहुंचे, डिजिटल मीडिया सेंटर एवं डिजिटल महाकुंभ अनुभूति केंद्र का उद्घाटन, तैयारियों की समीक्षा।
  • 10 जनवरीः प्रसार भारती के चैनल कुंभवाणी की शुरुआत, परिवहन निगम की बसों को दिखाई हरी झंडी।
  • 19 जनवरीः शंकराचार्य, संत महात्माओं से मुलाकात, ओडीओपी प्रदर्शनी, पुलिस गैलरी, संविधान गैलरी, पर्यटन गैलरी, एनसीजेडसीसी पवेलियन का उद्घाटन। स्वामी चिदानंद के शिविर में मोरारी बापू की कथा का श्रवण।
  • 22 जनवरीः महाकुंभ में कैबिनेट बैठक, पूरे मंत्री परिषद के साथ पावन संगम स्नान।
  • 25 जनवरीः अखिल भारतवर्षीय अवधूतभेष बारह पंथ योगी महासभा के कार्यक्रम में, गुरु गोरक्षनाथ अखाड़ा में, विश्व हिंदू परिषद के सम्मेलन में सहभागिता। श्रंगेरी पीठ के शंकराचार्य से भेंट।
  • 27 जनवरीः गृहमंत्री अमित शाह के महाकुंभ आगमन पर स्वागत और त्रिवेणी संगम में पूजन।
  • 01 फरवरीः संगम नोज का स्थलीय निरीक्षण, सतुआ बाबा के पट्टाभिषेक कार्यक्रम में सहभागिता, भारत सेवाश्रम शिविर का दौरा। उपराष्ट्रपति का स्वागत और दुनिया के 73 देशों के राजनयिकों से किया संवाद व समीक्षा बैठक।
  • 04 फरवरीः बौद्ध महाकुंभ कार्यक्रम में सहभागिता, मीडिया से संवाद, भूटान नरेश का किया स्वागत।
  • 05 फरवरीः पीएम मोदी के आगमन पर किया स्वागत, त्रिवेणी संगम का पूजन।
  • 16 फरवरीः जलवायु सम्मेलन में सहभागिता, प्रदीप मिश्रा की कथा और प्रभु प्रेमी संघ शिविर के समापन समारोह में सम्मिलित हुए।
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