योगी ने कहा, प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की भरपूर संभावनाएं हैं। बीते वर्ष उत्तर प्रदेश में कुल 65 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक विभिन्न तीर्थ स्थलों पर आए थे। लेकिन, अकेले प्रयागराज में 45 दिनों में 66.30 करोड़ पर्यटक और श्रद्धालु आ चुके हैं। यानी, नए-नए रिकॉर्ड बनते दिखाई दे रहे हैं। प्रयागराज ने यूपी में पांच धार्मिक पर्यटन के रूट बनाए हैं।
एक, प्रयागराज से मिर्जापुर और काशी का है तो दूसरा प्रयागराज से अयोध्या और गोरखपुर का। तीसरा है, प्रयागराज से लालपुर, राजापुर, चित्रकूट और चौथा प्रयाग से लखनऊ और नैमिषारण्य का। पांचवां रूट प्रयागराज से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से आगरा होते हुए मथुरा-वृंदावन तक पहुंचने का। भविष्य में यहां लोगों के आने की अपार संभावनाएं हैं। संवाद के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत कई मंत्री-अधिकारी भी मौजूद रहे।
जो भी महाकुंभ आया... अभिभूत होकर गया
सीएम ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए डबल इंजन की सरकार ने करीब 7500 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें 200 से अधिक सड़कों, 14 फ्लाई ओवर, 9 अंडरपास और 12 कॉरिडोर बनाए गए। पहली बार प्रयागराज में कुछ ऐसा देखने को मिला जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता था। अक्षय वट कॉरिडोर, मां सरस्वती कूप कॉरिडोर, पातालपुरी कॉरिडोर, बड़े हनुमानजी कॉरिडोर, महर्षि भारद्वाज कॉरिडोर, नागवासुकि कॉरिडोर, शृंग्वेरपुर कॉरिडोर, द्वादश माधव कॉरिडोर समेत 12 कॉरिडोर विकसित हुए हैं। महाकुंभ आए श्रद्धालुओं को यह अभिभूत कर गया।