रबर फैक्टरी का निरीक्षण करती टीम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी दिल्ली के डीआईजी ने किया रबर फैक्टरी का दौरा
फतेहगंज पश्चिमी। महीनों से रबर फैक्टरी में वन विभाग को छका रही बाघिन को पकड़ने के लिए अब दिल्ली से टीम आएगी। रविवार को नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी दिल्ली के डीआईजी ने रबर फैक्टरी का दौरा किया। उन्होंने अभियान की जानकारी लेकर रबर फैक्टरी में बाघिन के चहलकदमी क्षेत्र का जायजा लिया और जल्द दिल्ली से नई टीम गठित कर भेजने का आश्वासन दिया।
पिछले कई महीनों से रबर फैक्टरी में चहलकदमी कर रही शातिर बाघिन को पकड़ना वन विभाग के लिए चुनौती बन गया है। अब तक बाघिन वन विभाग की तमाम योजनाओं पर पानी फेरती आ रही है। करीब एक सप्ताह पहले वाइल्ड लाइफ के विशेषज्ञों की टीम भी हाथ पांव मारकर लौट चुकी है, लेकिन बाघिन उनके हाथ नहीं आई। रविवार को नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी दिल्ली के डीआईजी निशांत वर्मा रबर फैक्टरी पहुंचे। सुबह करीब साढ़े नौ बजे पहुंचे डीआईजी ने मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा से बाघिन को पकड़ने के अभियान की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने बाघिन के चहलकदमी क्षेत्र रबर और कोयला प्लांट का भ्रमण किया। फैक्टरी में लगे कैमरे और लोहे के पिंजड़ों के अलावा पिछले चार दिनों से तैयार किए गए पिंजड़ेनुमा कमरे भी देखे। उन्होंने कमरों में शिकार बांधने के निर्देश दिए। कहा कि वह दिल्ली में अपने सहयोगियों के साथ मंथन करके जल्द नई टीम गठित कर बाघिन को बेहोश कर पकड़ने के लिए भेजेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रैंक्युलाइज के लिए उचित स्थान नहीं होने की वजह से बाघिन बार बार बच जा रही है, लेकिन वह अब ज्यादा समय नहीं बच सकती। करीब एक घंटे रबर फैक्टरी के जंगल में भ्रमण करने के बाद वह बरेली चले गए। इस दौरान उनके साथ मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा, वन संरक्षक जावेद अख्तर, एसडीओ आरबी सिंह, रेंजर संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।