शादी अनुदान योजना में वर्ष 2018 से 2021 के बीच बड़े स्तर पर अनियमितता की शिकायत हुई थी। इस बाबत डीएम के निर्देश पर उप निदेशक की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी अनियमितता की पुष्टि हुई है।
अब शासन की ओर से भी समाज कल्याण विभाग की शादी अनुदान योजना में हुई अनियमितता की जांच का आदेश दिया गया है। जांच कमेटी का अध्यक्ष उप निदेशक मंजूश्री श्रीवास्तव को ही बनाया गया है। उन्हें 15 दिनों में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। बुधवार को इस बाबत आदेश जारी होने केबाद उन्होंने जांच के दायरे में आने वाले अफसरों का ब्यौरा मांगा है।
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शादी अनुदान योजना में वर्ष 2018 से 2021 के बीच बड़े स्तर पर अनियमितता की शिकायत हुई थी। इस बाबत डीएम के निर्देश पर उप निदेशक की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी अनियमितता की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार कई लाभार्थियों को दो-दो बार भुगतना कर दिया गया है।
चार लाभार्थियों ने तो पैसा भी वापस कर दिया है। हालांकि सभी दस्तावेज नहीं मिलने की वजह से अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है। इसी क्रम में सीडीओ की ओर से प्रारंभिक रिपोर्ट निदेशालय भेजकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
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इस बाबत अखबारों में प्रकाशित खबरों को संज्ञान में लेते हुए शासन की ओर से भी जांच का आदेश दिया गया है। शासन ने भी उप निदेशक को जांच सौंपी है। जांच अधिकारी से 15 दिनों के भीतर सभी तरह की शिकायतों की जांच पूरी कर 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है।
इसी क्रम में उप निदेशक मंजूश्री श्रीवास्तव ने 2018 से 2021 के बीच तैनात जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं सहायक पटल के अलावा वर्तमान में तैनात सहायक पटल के बारे में पूरी जानकारी मांगी गई है।