इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशासनिक जज के दौरे के दिन अधिवक्ता को नजरबंद करने वाले आगरा के चार पुलिस सिपाहियों से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि 15 नवंबर को आखिर हुआ क्या था?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशासनिक जज के दौरे के दिन अधिवक्ता को नजरबंद करने वाले आगरा के चार पुलिस सिपाहियों से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि 15 नवंबर को आखिर हुआ क्या था? यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की अदालत ने जिला न्यायालय के पीड़ित अधिवक्ता महताब सिंह की याचिका पर दिया है। इससे पहले कोर्ट ने अधिवक्ता की नजरबंदी के मामले पर तल्ख रुख अपनाते हुए आगरा के डीसीपी से हलफनामा तलब किया था। पूछा था कि किसके आदेश पर प्रशासनिक जज के दौरे के दिन उन्होंने अधिवक्ता की घर में नजरबंद किया था।
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इस पर अदालत में पेश डीसीपी के हलफनामे में बताया गया कि अधिवक्ता को नजरबंद किए जाने की जानकारी जिला जज को नहीं थी। नजरबंद करने वाले चार सिपाहियों की निलंबित किया गया है। वहीं, याची के अधिवक्ता में बताया कि नजरबंद करने पहुंचे चार सिपाहियों ने बताया था कि जिला जज के मौखिक आदेश पर कार्रवाई की गई थी। कोर्ट ने कहा कि सिपाहियों को निलंबित किया जाना पर्याप्त नहीं है। इन सभी सिपाहियों को अदालत को बताना होगा कि आखिर 15 नवंबर की हुआ क्या था। उन्हें अधिकारियों से क्या आदेश मिले थे। लिहाजा, 13 मई तक सभी सिपाही अलग अलग हलफनामा दाखिल करें।