संगमनगरी के भीषण जाम में फंसने का सिलसिला बुधवार को शुरू हो गया। रेल ट्रैक दोहरीकरण के तहत सीएमपी रेलब्रिज के नीचे रोड ट्रैफिक ब्लॉक हुआ तो शहर के तमाम इलाकों की सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। सिविल लाइंस को बैरहना, मधवापुर, तिकोनिया से जोड़ने वाले प्रमुख रास्ते के बंद होने के असर दूसरे रास्तों पर दिखा। नतीजतन सुबह से ही पुराने शहर को जाने वाले तमाम रास्तों पर लंबा जाम लग गया। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित स्कूली बच्चे हुए। कोई विकल्प न होने की वजह से स्कूली बच्चों के साथ तमाम शहरियों को मजबूरी में सीएमपी रेल अंडर ब्रिज चढ़कर पार करना पड़ा। जाम में एंबुलेंस भी फंसी। मरीजों को अस्पताल ले जाने में ही काफी समय लग गया।
फाफामऊ से प्रयाग के रास्ते इलाहाबाद तक रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम पिछले साल से चल रहा है। उत्तर रेलवे के निर्माण विभाग की ओर से यहां दोहरीकरण का काम किया जा रहा है। बता दें कि 20 मार्च 2017 को भी उत्तर रेलवे द्वारा रामबाग से मेडिकल चौराहे की तरफ जाने वाले रास्ता पर रोड ट्रैफिक बंद कर दिया गया था। यहां जीआईसी रेलब्रिज के दोहरीकरण के कार्य के चलते रेलवे द्वारा आरसीसी बॉक्स की लॉचिंग का कार्य किया गया। इसके बाद तीन मई को सीएमपी ब्रिज पर ट्रैक दोहरीकरण का काम रेलवे ने शुरू किया, लेकिन शहर में लग रहे भारी जाम के मद्देनजर दो दिन में ही यह काम रोक दिया गया। अब एक बार फिर से रेलवे द्वारा बुधवार से रेल अंडरब्रिज पर दोहरीकरण का काम शुरू किया गया है। ब्रिज संख्या 176 सीएमपी डिग्री कालेज के पास यह काम 13 दिसंबर तक होना है। उधर बुधवार सुबह यहां काम शुरू करने के बाद रोड ट्रैफिक का ब्लॉक ले लिया गया। सुबह दस बजते-बजते इसका असर शहर के अन्य मार्गों में दिखने लगा। तमाम रास्तों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जो देर शाम तक रही।
पिछले कुछ दिनों से जीआईसी रेल फाटक पर रेल ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के चलते मेडिकल कालेज से रामबाग जाने वाली सड़क पर बड़े वाहनों का आवागमन बंद है। इस बीच सीएमपी आरयूबी के दोनों ओर रोड ट्रैफिक ब्लॉक कर दिए जाने से स्थिति कुछ ज्यादा ही बिगड़ गई। दो प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक बंद होने का असर निरंजन डॉट के पुल, खुसरोबाग ओवरब्रिज, सोहबतियाबाग-चुंगी जाने वाली सड़क पर पड़ा। इन सभी मार्गों पर बुधवार को लगे जबर्दस्त जाम का असर शहर के तमाम इलाकों में दिखा। रास्ता बंद होने और प्रमुख मार्गों पर जाम के कारण लोगों ने वैकल्पिक रास्तों की तलाश की। किसी ने सीएमपी डॉट पुल पहुंचने से पहले मेडिकल कॉलेज चौराहे से रामबाग का रुख किया तो किसी ने सोहबतियाबाग का। जाम में फंसा हर कोई शख्स प्रशासन को कोसता नजर आया। निरंजन डाट के ब्रिज के पास जाम में फंसे रामबाग के आलोक मिश्र, राजरूपपुर के राजीव श्रीवास्तव, मोहित्समगंज के एहसान रिजवी आदि ने बताया कि अगर प्रशासन ठीक से बंदोबस्त करता तो जाम नहीं लगता।
शहर के तमाम स्कूलों में छुट्टी हो जाने के बाद एकाएक ट्रैफिक लोड बढ़ने से कई इलाकों में जाम लगा। इस दौरान लाउदर रोड, कमला नेहरू रोड, हीवेट रोड, जवाहर लाल नेहरू रोड, एमजी मार्ग समेत कई सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे स्कूली बच्चों को परेशानी हुई। सुबह सीएमपी डॉट पुल का रास्ता बंद के कारण तमाम बच्चों ने सड़क मार्ग से रेलवे डॉट पुल पर चढ़कर रास्ता पार किया। रास्ता बंद होने के कारण टेंपो, वैन एवं अन्य साधनों से जाने वाले लोगों ने सोहबतियाबाग, बख्शी बांध, कुंदन गेस्ट हाउस आदि रास्तों को पकड़ा। हालांकि, रेलवे ब्रिज के नीचे रास्ता संकरा होने के कारण वहां भी लंबा जाम लग गया। जाम लगने की वजह से सुबह तमाम स्कूलों में बच्चे विलंब से पहुंचे। सेंट मेरीज कान्वेंट स्कूल में बुधवार से परीक्षाएं शुरू हुईं। तमाम छात्राएं समय से स्कूल नहीं पहुंचीं तो उन्हें वहां गेट बंद मिला। अभिभावकों के काफी आग्रह करने के बाद ही स्कूल प्रशासन ने गेट खोला। उधर सुबह दस बजे ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों का भी जाम ने स्वागत किया। इस वजह से लोग अपने कार्यालय पहुंचने में भी लेट हो गए।
जाम से शहर पश्चिमी का भी बड़ा इलाका प्रभावित रहा। यहां कानपुर रोड स्थित करियप्पा द्वार से फ्लाईओवर के पिलर की खुदाई का काम पिछले कई दिनों से चल रहा है। इस वजह से यहां काफी अवरोध भी हो गया। इससे यहां हर रोज जाम लग जा रहा है। बुधवार को स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब रही। दोपहर में यहां चौफटका, धूमनगंज तक लंबा जाम लग गया। जाम में फंसे लोगों को खासी दिक्कत हुई। खुसरोबाग ओवरब्रिज पर भी घंटों जाम लगा रहा। करेली के ध्रुव श्रीवास्तव के दोनों बच्चे सिविल लाइंस स्थित एक स्कूल से शाम चार बजे तक घर नहीं पहुंचे तो वे परेशान हो गए। स्कूल वैन चालक से संपर्क किया तो उन्हें लेट होने की वजह जाम बताई गई। अमूमन उनके बच्चे तीन बजे के आसपास स्कूल वैन से घर पहुंच जाते हैं, लेकिन जाम की वजह से उन्हें घर पहुंचने में शाम से 4.30 बज गए।