इविवि छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र, उपाध्यक्ष अदील हमजा और छात्रनेता अनुभव उपाध्याय को विश्वविद्यालय से पांच साल के लिए निष्कासित किए जाने के विरोध में छात्रों ने आरपार की लड़ाई की घोषणा कर दी है। छात्रों ने बोर्ड ऑफ डिसिप्लिन के गठन पर सवाल उठाते हुए इविवि प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि बोर्ड की ओर की गई कार्रवाई वापस नहीं ली जाती है तो छात्र दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सामने धरना देंगे और आमरण अनशन करेंगे। उन्हें इविवि प्रशासन से मिली चुनौती मंजूर है। छात्रहित में लड़ाई जारी रहेगी।
छात्रसंघ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि बिना सुनवाई किए उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की गई। बोर्ड ऑफ डिसिप्लिन की बैठक में बहुत से सदस्य पहुंचे ही नहीं। बोर्ड का गठन में भी मानकों का पालन नहीं किया गया। इसमें सिर्फ कुलपति के करीबियों को शामिल किया गया और इनमें से कुछ सदस्य ऐसे हैं, जो वित्तीय अनियमितताओं के तमाम आरोपों से घिरे हुए हैं। छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र ने दावा किया कि 28 अप्रैल को हुई घटना की जांच मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तीन सदस्यीय कमेटी कर चुकी है और सूचना मिली है कि कमेटी ने मामले में इविवि प्रशासन एवं वीसी को दोषी पाया है। रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजी जाएगी और तब कुलपति प्रो. हांगलू को विश्वविद्यालय छोड़कर जाना पड़ेगा।