इविवि में अध्यापकों की भर्ती का रास्ता साफ होता नहीं दिख रहा। रोस्टर के मामले में विवि प्रशासन के पीछे हटने के बाद उम्मीद जगी थी कि जल्द भर्ती हो जाएगी लेकिन अब अफसरों की सुस्त कार्यशैली आड़े आ गई है। भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगी गई है लेकिन अफसर इस बाबत पत्र लिखकर भूल गए हैं। उन्हें इंतजार है कि आयोग खुद जवाब भेजे। ऐसे में आचार संहिता समाप्त होने के बाद मार्च में ही प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय की ओर से अध्यापकों के 290 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए आवेदन भी मांगे जा चुके हैं लेकिन रोस्टर तथा अन्य बिंदुओं को लेकर विवाद शुरू हो गया। मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संशोधन के बाद दोबारा विज्ञापन जारी करने का निर्णय लिया। इसके लिए कार्यपरिषद से भी अनुमति ले ली गई। यह निर्णय दिसंबर में ही हो गया था लेकिन अभी तक नोटिफिकेशन जारी नहीं हो सका।
चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर कोई बाधा न आए इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने विज्ञापन जारी के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा। पत्र जनवरी के पहले सप्ताह में ही लिखा गया था। ऐसे में उम्मीद जगी थी कि निर्वाचन आयोग से अनुमति मिलने के बाद जनवरी के पहले पखवारा में ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा लेकिन अभी तक आयोग का कोई जवाब नहीं पहुंचा है। विश्वविद्यालय के अफसर इस बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ बोलने से भी बच रहे हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर लंबित होती दिख रही है।