कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने के लिए अब सरकार ने उन्हें ‘हौसला पोषण योजना’ के तहत देसी घी खिलाने की योजना तैयार की है। पहले यह योजना 18 मंडलों में एक-एक ब्लॉकों के किसी एक गांव में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई थी। अब इसे पूरे प्रदेश के लिए लागू कर दिया गया है। छह माह से छह साल तक के अति कुपोषित बच्चों को अब प्रतिदिन 20 ग्राम देसी घी खिलाया जाएगा, ताकि कुपोषण दूर हो सके। इसके अलावा गर्म और पके पकाए भोजन की व्यवस्था भी जरूरी कर दी गई है। इसका दायित्व ग्राम प्रधान और आंगनबड़ी कार्यकत्रियों को दिया जाएगा।
योजना के संचालन के लिए ग्राम प्रधान और आंगनबाड़ी कार्यकत्री का संयुक्त बैंक खाता खुलवाया जाएगा। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को मिड डे मील के अनुसार भोजन दिया जाएगा और बच्चों को आईसीडीएस के तहत प्रतिदिन दलिया-खिचड़ी के साथ 20 ग्राम देसी घी दिया जाएगा। दुग्ध विकास विभाग की संस्था पीसीडीएफ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर घी की सप्लाई की जाएगी। मिड डे मील प्राथमिक स्कूलों की रसोई में ही पकाया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी जीडी यादव ने बताया कि मिड डे मील पकाने वाले को प्रति लाभार्थी दो रुपये का भुगतान किया जाएगा।