मंसूरअली पार्क में चल रहे प्रदर्शन में शामिल 16 लोगों को पाबंद किए जाने की कार्रवाई के दूसरे दिन पुलिस भी हरकत में आ गई। इसके तहत इन लोगों को मजिस्ट्रेट की ओर से जारी नोटिस तामील कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। यही नहीं मामले में कई और प्रदर्शनकारियों को पाबंद किए जाने के लिए जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजे जाने की तैयारी भी है।
रोशनबाग स्थित मंसूर अली पार्क में पिछले 54 दिन से लगातार सीएए के विरोध में धराना चल रहा है। यहां बड़ी संख्या में महिलाएं धरना प्रदर्शन में जुटी हैं। धरना शुरू होने के पहले ही दिन पुलिस ने प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश की लेकिन नाकाम रही। इसके बाद से पुलिस व प्रशासनिक अफसर लगातार कवायद में जुटे हैं। जिसके तहत प्रदर्शनकारियों से कई चरणों में वार्ता हुई। पहले कोतवाली और फिर पीएचक्यू में भी बैठक हुई। लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हुए। पुलिस सैकड़ों प्रदर्शनकारियों पर अब तक तीन मुकदमे भी लिखा चुकी है। जिनमें तीसरा मामला तीन दिन पहले दर्ज किया गया।
धारा 144 के उल्लंघन में लिखे गए इस केस के आरोपियों को धारा 41 के तहत नोटिस भी भेजा गया। लेकिन इन सारी कवायदों का रिजल्ट जीरो रहा। जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पाबंद किए जाने के लिए कवायद शुरू की। खुल्दाबाद पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर ही एक दिन पहले नगर मजिस्ट्रेट रजनीश कुमार मिश्र की ओर से 16 लोगों को 107/16 के तहत पाबंद किया गया। इस कार्रवाई के अगले ही दिन खुल्दाबाद पुलिस हरकत में आई। जिसके तहत पाबंद किए लोगों को नोटिस तामील कराया जाने लगा। खुल्दाबाद इंस्पेक्टर ने बताया कि मजिस्ट्रेट की ओर से जारी नोटिस तामील कराया जा रहा है। उनसे उनका मोबाइल नंबर भी लिया जा रहा है। कार्रवाई पूरी होने के बाद आख्या समेत नोटिस संबंधित न्यायालय में प्रेषित किया जाएगा।
कल आकर देना होगा जवाब
नगर मजिस्ट्रेट ने संबंधित व्यक्तियों को धारा 111 के तहत नोटिस जारी कर यह भी पूछा कि शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए क्यों न उन्हें एक वर्ष की अवधि के लिए पांच लाख के निजी बॉन्ड व इतनी ही धनराशि की दो प्रतिभूतियों से निष्पादित कराया जाए। सभी को सात मार्च को नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में उपस्थित होेकर जवाब देने का भी आदेश दिया गया है।
अभी और लोग होंगे पाबंद
पुलिस सूत्रों का कहना है कि धारा 144 के उल्लंघन में पूर्व में दर्ज मुकदमों में आरोपी बनाए गए लोगों को धारा 41 के तहत नोटिस थमाया जा चुका है। इसके बाद प्रदर्शनकारियेां को पाबंद करने की कार्रवाई शुरू की गई। रिपोर्ट दर्ज होने व नोटिस तामीला कराए जाने के बावजूद लोग मानने को तैयार नहीं हैं। दावा है कि जिससे शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ऐसे में 107/16 की कार्रवाई कई अन्य लोगों पर भी किए जाने के लिए जल्द ही जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जा सकती है।