शत्रु संपत्ति पर कब्जा करने वालों को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी की गई है और खतौनी से उनका नाम हटाते हुए सरकार का नाम दर्ज कर दिया गया है। नोटिस जारी होने के बाद जिन लोगाें ने शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर रखा है, उन्हें जगह खाली करनी होगी या संपत्ति का मूल्य चुकाना होगा।
शत्रु संपत्ति पर कब्जा करने वालों को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी की गई है और खतौनी से उनका नाम हटाते हुए सरकार का नाम दर्ज कर दिया गया है। नोटिस जारी होने के बाद जिन लोगाें ने शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर रखा है, उन्हें जगह खाली करनी होगी या संपत्ति का मूल्य चुकाना होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय की सर्वे टीम ने प्रयागराज में 187 शत्रु संपत्तियां चिह्नित कीं हैं। अब तक इन पर तकरीबन 650 अवैध कब्जे चिह्नित किए गए हैं।
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सर्वे के अनुसार प्रयागराज की विभिन्न तहसीलों में 118 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में शत्रु संपत्तियां हैं। कई जगह शत्रु संपत्ति पर प्लॉटिंग कराके उसे कई हिस्सों में बेच दिया गया है और कई स्थानों पर मकान बना लिए गए हैं। इन संपत्तियों के बैनामे तक हो गए हैं और कब्जाधारकों के नाम खतौनी में दर्ज हैं।
नियमों के तहत अगर शत्रु संपत्ति का मूल्य एक करोड़ से कम है तो उसकी नीलामी में कब्जाधारक को वरीयता दी जाएगी। एक करोड़ रुपये के मूल्य से अधिक की संपत्ति की नीलामी ई-टेंडरिंग के माध्यम से कराए जाने का प्रावधान है। मुख्य राजस्व अधिकारी लालता प्रसाद का कहना है कि शत्रु संपत्ति पर कब्जे के मामले में अंतिम निर्णय गृह मंत्रालय लेगा।
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2250 करोड़ रुपये है शत्रु संपत्तियों का मूल्य
प्रयागराज में जो 187 शत्रु संपत्तियों चिह्नित की गई हैं, उनका अनुमानित मूल्य तकरीबन 2250 करोड़ रुपये है। कुल 118 हेक्टेयर क्षेत्रफल में शत्रु संपत्तियां हैं जिनमें 82 हेक्टेयर नगरीय व 36 हेक्टेयर ग्रामीण क्षेत्र में हैं। इन संपत्तियों का कब्जा हटवाने के लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।