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Prayagraj : अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले सात कोचिंग सेंटरों को जारी होगा नोटिस, चलेगा अभियान

Sun, 18 Jun 2023 04:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

दिल्ली के मुखर्र्जी नगर में हुए हादसे के बाद भी कोचिंग संचालकों की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। हाल यह है कि 400-500 बच्चों वाली कक्षा में अग्निदुर्घटना से सुरक्षा के नाम पर महज एक प्रवेश द्वार व एक फायर इंस्टिग्वशर से काम चलाया जा रहा है।
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कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करते फायरब्रिगेड के अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले शहर के सात कोचिंग सेंटरों को रविवार को नोटिस जारी किया जाएगा। इसकी सूची जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय को भेजी जाएगी। निर्धारित समय में आग से सुरक्षा का इंतजाम न करने पर संबंधित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा। कोचिंग सेंटरों में इंतजामों का जायजा लेने के लिए सोमवार से फिर अभियान चलेगा। 

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एक प्रवेश द्वार, एक फायर इंस्टिग्वशर के भरोसे 500 बच्चे

दिल्ली के मुखर्र्जी नगर में हुए हादसे के बाद भी कोचिंग संचालकों की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। हाल यह है कि 400-500 बच्चों वाली कक्षा में अग्निदुर्घटना से सुरक्षा के नाम पर महज एक प्रवेश द्वार व एक फायर इंस्टिग्वशर से काम चलाया जा रहा है। मानकों के अनुसार अन्य किसी भी तरह की व्यवस्था नहीं की गई है। इनको नोटिस जारी करने की तैयारी कर की जा रही है।

अमर उजाला ने एक दिन पहले ही प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाया था कि किस तरह कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। आग से बचाव के इंतजाम के नाम पर यहां मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए इसके बाद अग्निशमन विभाग की ओर से कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया तो हकीकत सामने आ गई। पता चला कि अग्निसुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर कोचिंग सेंटरों का संचालन किया जा रहा है।

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तीन मंजिला भवन, दो फायर इंस्टिग्वशर

निरीक्षण के दौरान पता चला कि हजारों छात्र-छात्राओं वाले कोचिंग सेंटरों में भी आग से बचाव के इंतजाम के नाम पर महज एक या दो फायर इंस्टिग्विशर से काम चलाया जा रहा है। एक कोचिंग संस्थान तीन मंजिला भवन में संचालित होते मिला। जिसमें भूतल पर कार्यालय व ऊपर के प्रत्येक तल पर कक्षाएं चलती हैं। चौंकाने वाली बात कि यहां केवल दो फायर इंस्टिग्वशर मिले।

सैकड़ों बच्चों की क्लास, प्रवेश-निकास एक द्वार से

अग्निशमन विभाग की टीम के निरीक्षण में तमाम बातें सामने आईं। पता चला कि एक कोचिंग संस्थान में एक कक्षा में 500 बच्चे बैठते हैं लेकिन वहां प्रवेश व निकास के लिए सिर्फ एक दरवाजा है। दुर्भाग्यवश कोई दुर्घटना होती है, तो बच्चे कैसे कक्षा से बाहर निकलेंगे, यह यक्ष प्रश्न है। कुछ जगहों पर दो दरवाजे मिले भी तो इनमें से एक पर ताला लटका मिला।

न अलार्म, न ओवरहेड टैंक

सबसे ज्यादा लापरवाही दो या तीन मंजिला भवनों में संचालित होने वाले कोचिंग सेंटरों में पाई गई। मानकों के अनुसार प्रत्येक तल पर एक फायर अलार्म की व्यवस्था होनी चाहिए। यही नहीं ओवरहेड टैंक व डाउन कमर पाइप की भी व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन इसमें से कोई भी इंतजाम कोचिंग सेंटरों में नहीं मिला। होज पाइप, होज रील, होज बॉक्स, ब्रांच पाइप जैसे इंतजाम भी नदारद मिले।
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कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करते फायरब्रिगेड के अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला।
इन कोचिंग सेंटरों में मानक के अनुसार नहीं मिले इंतजाम

1- चंद्रा इंस्टीट्यूट, बैंक रोड
2- स्टार एकेडमी, पैगोरिया भवन कर्नलगंज
3- युवा आईएएस, पत्रिका चौराहा, सिविल लाइंस
4-अध्ययन एकेडमी, कुंदन गेस्ट हाउस, अल्लापुर
5- बत्रा क्लासेस, टैगोरटाउन
6- टारगेट डिफेंस एकेडमी, जहाज चौराहा, कटरा
7- स्टडी आईएएस, म्योर रोड, कटरा
 
फायर स्टेशन अफसर सिविल लाइंस व नैनी के नेतृत्व में गठित दो टीमों ने अब तक 27 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया है। इनमें से 22 शहर जबकि पांच देहात क्षेत्र के हैं। इनमें से शहर क्षेत्र के सात कोचिंग संस्थानों में मानक के अनुरूप अग्निशमन व्यवस्था नहीं पाई गई। उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। अगर तय समय में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते, तो जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। - डाॅ. राजीव पांडेय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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