तीन मंजिला भवन, दो फायर इंस्टिग्वशर
निरीक्षण के दौरान पता चला कि हजारों छात्र-छात्राओं वाले कोचिंग सेंटरों में भी आग से बचाव के इंतजाम के नाम पर महज एक या दो फायर इंस्टिग्विशर से काम चलाया जा रहा है। एक कोचिंग संस्थान तीन मंजिला भवन में संचालित होते मिला। जिसमें भूतल पर कार्यालय व ऊपर के प्रत्येक तल पर कक्षाएं चलती हैं। चौंकाने वाली बात कि यहां केवल दो फायर इंस्टिग्वशर मिले।
सैकड़ों बच्चों की क्लास, प्रवेश-निकास एक द्वार से
अग्निशमन विभाग की टीम के निरीक्षण में तमाम बातें सामने आईं। पता चला कि एक कोचिंग संस्थान में एक कक्षा में 500 बच्चे बैठते हैं लेकिन वहां प्रवेश व निकास के लिए सिर्फ एक दरवाजा है। दुर्भाग्यवश कोई दुर्घटना होती है, तो बच्चे कैसे कक्षा से बाहर निकलेंगे, यह यक्ष प्रश्न है। कुछ जगहों पर दो दरवाजे मिले भी तो इनमें से एक पर ताला लटका मिला।
न अलार्म, न ओवरहेड टैंक
सबसे ज्यादा लापरवाही दो या तीन मंजिला भवनों में संचालित होने वाले कोचिंग सेंटरों में पाई गई। मानकों के अनुसार प्रत्येक तल पर एक फायर अलार्म की व्यवस्था होनी चाहिए। यही नहीं ओवरहेड टैंक व डाउन कमर पाइप की भी व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन इसमें से कोई भी इंतजाम कोचिंग सेंटरों में नहीं मिला। होज पाइप, होज रील, होज बॉक्स, ब्रांच पाइप जैसे इंतजाम भी नदारद मिले।
कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करते फायरब्रिगेड के अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला।
इन कोचिंग सेंटरों में मानक के अनुसार नहीं मिले इंतजाम
1- चंद्रा इंस्टीट्यूट, बैंक रोड
2- स्टार एकेडमी, पैगोरिया भवन कर्नलगंज
3- युवा आईएएस, पत्रिका चौराहा, सिविल लाइंस
4-अध्ययन एकेडमी, कुंदन गेस्ट हाउस, अल्लापुर
5- बत्रा क्लासेस, टैगोरटाउन
6- टारगेट डिफेंस एकेडमी, जहाज चौराहा, कटरा
7- स्टडी आईएएस, म्योर रोड, कटरा
फायर स्टेशन अफसर सिविल लाइंस व नैनी के नेतृत्व में गठित दो टीमों ने अब तक 27 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया है। इनमें से 22 शहर जबकि पांच देहात क्षेत्र के हैं। इनमें से शहर क्षेत्र के सात कोचिंग संस्थानों में मानक के अनुरूप अग्निशमन व्यवस्था नहीं पाई गई। उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। अगर तय समय में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते, तो जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। - डाॅ. राजीव पांडेय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी