शादी के लिए जन्म कुंडली और ग्रहों की दशा के साथ अब लोगों ने आपसी समझौते से साइकोलॉजिकल फिटनेस, हेपेटाइटिस, एड्स व शुगर की जांच को भी सुखमय वैवाहिक जीवन का आधार बना लिया है। खासतौर से बड़े व्यापारियों व बाहर रहकर नौकरी करने वाले लोगों ने इसकी शुरुआत की है। विशेषज्ञ चिकित्सक स्वस्थ जीवन के लिए इसे एक अच्छी पहल मान रहे हैं। संवाद
नौकरी के लिए रह रहे थे बाहर, कराई एड्स व हेपेटाइटिस की जांच
जॉर्जटाउन और मम्फोर्डगंज के दो परिवारों के बेटे व बेटी की आपस में शादी की बात शुरू हुई। दोनों शहर के बाहर रहकर नौकरी कर रहे हैं। इसपर दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से शादी से पहले उनकी हेपेटाइटिस, एड्स व शुगर की जांच कराना जरूरी समझा। जांच में दोनों की रिपोर्ट सामान्य आई। दोनों परिवारों के लोगों का कहना है कि कुंडली के साथ अगर स्वास्थ्य को भी परख लिया जाए तो इसमें कुछ गलत नहीं है।
अधिक गुस्से की वजह से शादी से पहले साइकोलॉजिकल टेस्ट
प्रतापगढ़ निवासी 30 वर्षीय युवती की शादी कटरा निवासी 34 वर्षीय युवक के साथ नवंबर 2025 में तय हुई। फरवरी 2026 में दोनों का विवाह होना है। शादी तय होने के बाद लड़का-लड़की एक-दूसरे के साथ फोन पर बात करने। इस दौरान लड़की बात-बात पर गुस्सा होकर लड़के का नंबर दो से तीन दिन के लिए ब्लॉक कर देती थी।
शुरुआत में किसी ने इसपर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ समय बाद लड़के ने अपने परिजनों को लड़की की इस आदत के बारे में बताया। इसपर दो पक्षों ने आपसी सहमति से लड़की का साइकोलॉजिकल टेस्ट (मानसिक परीक्षण) कराया। इसमें लड़की इंटरमिटेंट एक्सप्लोसिव डिसऑर्डर से ग्रसित मिली। इसके बाद लड़के के परिजनों से उपचार पूरा होने के बाद शादी करने पर हामी भरी है।
अभी तक करीब चार ऐसे मामले आए हैं, जिसमें परिजनों ने आपसी समझौते से शादी से पहले अपने बच्चों की हेपेटाइटिस, एड्स व शुगर की जांच कराई है। इन परिजनों का मानना है कि ग्रह नक्षत्रों के साथ स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी होना जरूरी है। - डॉ. वैशाली सिंह, प्रमुख अधीक्षक, कैंटोनमेंट हॉस्पिटल
कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लोग जरा सा संदेह होने पर शादी से पहले लड़के व लड़की के मानसिक स्वास्थ्य को परख रहे हैं। वहीं, कई ऐसे भी लोग हैं जो लड़के व लड़की के स्वस्थ होने तक शादी के लिए इंतजार करने को भी तैयार हैं। - डॉ. राकेश पासवान, मनोचिकित्सक परामर्शदाता, कॉल्विन हॉस्पिटल