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Prayagraj News: थकान की परवाह न जान की, 20 फीट ऊंचाई पर लगी जाली पर चढ़कर बढ़े श्रद्धालु

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सुबह 11:11 बजे का वक्त था। मप्र के दतिया से आए संदीप चंसौरिया व उनके साथियों के वाहनों को नवप्रयागम पार्किंग में खड़ा करवाने के बाद उन्हें बांध रोड से अरैल घाट पर भेजा गया। उन्हें संगम तक पहुंचना था। ऐसे में बांध रोड से 20 फीट ऊंचाई पर लगी जाली पर चढ़कर वाे सभी लोग नए यमुना पुल पर आने लगेे। यह खतरनाक हो सकता है, इतना कहने पर बोले कि 450 किमी का सफर तय करके आए हैं। संगम स्नान तो करके ही जाएंगे, फिर चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े।
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मौनी अमावस्या के महास्नान पर्व पर संगम में डुबकी लगाकर पुण्य की कामना संजोकर हर बाधा को हंसते-हंसते पार कर आगे बढ़ने की यह कहानी मंगलवार को महाकुंभ मेले की ओर जाने वाले हर रास्ते पर नजर आई। कीडगंज में नए यमुना पुल रेलवे क्रॉसिंग पर राजस्व विभाग से सेवानिवृत्त भानचंद गोस्वामी निवासी इंदौर व उनकी पत्नी इंदू गोस्वामी की कहानी भी ऐसी ही रही।
लगभग 10 किमी से पैदल चलकर आने के चलते उनके चेहरे पर थकान साफ दिख रही थी। इसके बावजूद कदम रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। पूछने पर बोले, ई-रिक्शा वाले ने स्टेशन के बाहर से बिठाया। लेकिन, कुछ दूर जाने के बाद ही उसे पुलिसवालों ने आगे बढ़ने से रोक दिया। बताया कि ई-रिक्शा आगे जाने की अनुमति नहीं है। कोई रास्ता न देख पैदल ही चल पड़े। इतनी थकान के बावजूद कदम नहीं रुकने के सवाल पर बोले, अब संगम स्नान करने के बाद ही आराम करेंगे।
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जीटी जवाहर चौराहे पर मछलीशहर, जौनपुर से आए लगभग 50 साल के रामकृपाल शुक्ला की भी ऐसी ही कहानी रही। वह करीब चार किमी पैदल चलकर पहुंचे थे। पूछने पर बोले कि थकान थी। लेकिन, मेला के प्रवेश द्वार पर पहुंचने पर यह दूर हो गई। संगम स्नान की कामना पूरी हो जाए तो मेहनत सफल हो जाए। कुछ ऐसी ही बातें नवाबगंज के मधुर मिश्रा, औराई के संतोष केशरवानी व बीना, एमपी से आए वीरेंद्र मधेशिया ने कहीं।
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