इस महत्वपूर्ण तकनीक को लेकर कंपनी और सेना के उच्च अधिकारियों के बीच सकारात्मक वार्ता भी शुरू हो चुकी है। खास बात यह है कि इस ड्रोन में माइक्रो टर्बाइन इंजन लगा हुआ है। इस वजह से यह काफी ऊंचाई तक उड़ सकता है। सिम्पोजियम में विनाशक के साथ-साथ कंपनी ने अपनी तकनीकी श्रेष्ठता का एक और नमूना पेश किया है। इंजीनियरों के अनुसार, कंपनी ने एक ऐसा ड्रोन भी तैयार किया है जो 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भर सकता है। दिलचस्प बात यह है कि सेना पहले से ही इस कंपनी द्वारा निर्मित उन्नत थर्मल कैमरों का उपयोग कर रही है, जो रात के अंधेरे और खराब मौसम में भी सटीक निगरानी सुनिश्चित करते हैं। विनाशक जैसे अत्याधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि रक्षा क्षेत्र में भारत अब आत्मनिर्भरता की राह पर लंबी छलांग लगा रहा है।