प्रयागराज। उत्तर रेलवे के प्रयागघाट, प्रयाग जंक्शन और पूर्वोत्तर रेलवे के इलाहाबाद सिटी, दारागंज और झूंसी रेलवे स्टेशन इसी वर्ष उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के अधीन हो जाएंगे। रेलवे बोर्ड से इन स्टेशनों के विलय संबंधी कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही संबंधित स्टेशन एनसीआर के अधीन हो जाएंगे। इसके अलावा संबंधित स्टेशनों पर कार्यरत कर्मचारी भी एनसीआर जोन के ही माने जाएंगे।
पिछले वर्ष कुंभ मेले के पूर्व से ही प्रयागघाट, प्रयाग जंक्शन, इलाहाबाद सिटी, दारागंज और झूंसी रेलवे स्टेशन के एनसीआर में विलय होने की बात चल रही है। तब कुंभ से जुड़े कार्य प्रभावित न हो इस वजह से संबंधित स्टेशनों के एनसीआर में विलय का मामला टाल दिया गया था। इस बीच कुंभ के बाद रेलवे बोर्ड ने एक बार फिर से एनसीआर प्रशासन को विलय संबंधी कार्रवाई करने को कहा। इस दौरान एनईआर और एनआर जोन को सूचित किया गया कि उनके स्टेशन एनसीआर को दिए जाएंगे। एनसीआर अफसरों की मानें तो संबंधित स्टेशनों के एनसीआर में विलय होने से रेल संचालन में पहले के मुकाबले सुगमता भी आएगी। पूर्व में उत्तर रेलवे के फाफामऊ जंक्शन को भी लेने की तैयारी थी लेकिन, फाफामऊ अब एनसीआर में शामिल नहीं किया जा रहा है। दरअसल, शहर में तीन जोनल रेलवे होने की वजह से रेल परिचालन में समस्या आती थी। क्योंकि प्रयाग जंक्शन और प्रयागघाट की ट्रेनों का नियंत्रण उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल से और इलाहाबाद सिटी, झूंसी एवं दारागंज की ट्रेनें पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल से नियंत्रित की जाती हैं। हर जोन की प्राथमिकता होती है कि उनकी ट्रेनें लेट न हों। इस वजह से सिटी, प्रयाग से आने वाली ट्रेनों को अमूमन इलाहाबाद जंक्शन के आउटर में खड़ा होना पड़ता था। इससे उनकी लेटलतीफी भी बढ़ती थी। फिलहाल इस समस्या से अब यात्रियों को निश्चित ही राहत मिलेगी। हालांकि दूसरे जोन के कर्मचारी जो विलय के बाद एनसीआर में आ जाएंगे, उनमें से कुछ के वरिष्ठता क्रम में थोड़ी समस्या आ सकती है।
‘रेलवे बोर्ड स्तर पर शहर के सभी स्टेशनों के एनसीआर में विलय संबंधी कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी वर्ष ये स्टेशन एनसीआर में शामिल हो जाएंगे।’
राजीव चौधरी, महाप्रबंधक, एनसीआर।