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Mahakumbh:संगम में डूबने वाले कई लोगों का नहीं लगा सुराग, परेशान परिजन बोले- बात करने पर फोन काट देते हैं अफसर

Tue, 25 Feb 2025 02:27 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

14 दिन हो गए हादसे को। अब तक उनका पता नहीं। 900 किमी दूर से हम रोज आ नहीं सकते। अफसरों से बात करो तो वह हर बार यही कहते हैं कि अभी कुछ पता नहीं चला।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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14 दिन हो गए हादसे को। अब तक उनका पता नहीं। 900 किमी दूर से हम रोज आ नहीं सकते। अफसरों से बात करो तो वह हर बार यही कहते हैं कि अभी कुछ पता नहीं चला। ज्यादा कुछ पूछो तो जवाब देते हैं मेला देखें कि डूबे लोगों को ढूंढ़ें। अब कोई उम्मीद ही नजर नहीं आ रही।

हरियाणा निवासी रामगोपाल मित्तल फोन पर जब यह कह रहे थे तो उनका गला रूंधा हुआ था। 11 फरवरी को संगम में हुआ हादसा उन्हें जिंदगी भर का दर्द दे गया। हादसे में जीएमएस रोड मोहित विहार, देहरादून निवासी उनके बहनोई बृजलाल प्रसाद (65) व रिश्तेदार महावीर प्रसाद की मौत हो गई। जबकि बहन ललिता देवी (60) व उनके बहनोई के फुफेरे भाई सुरेश चंद्र (65) संगम में डूब गए।

वह बताते हैं कि लापता दोनों लोगों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया। पुलिस ने एक दिन तलाश की। 13 फरवरी को माघी पूर्णिमा स्नान था। उस दिन सुबह कुछ घंटों के बाद खोजबीन बंद कर दी। कहने लगे कि मेले में भीड़ है, ऐसे में भीड़ के लौटने के बाद तलाश कराई जाएगी।

13 को परिवार वापस देहरादून चला आया। उन्होंने बताया कि जल पुलिस के सीओ रजनीश यादव से बात की गई तो कहते हैं कि अभी कुछ पता नहीं चला। जोर देने पर कहते हैं कि तलाश चल रही है, जब मिल जाएंगे तो बता दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस हादसे ने दो परिवारों को बर्बाद कर दिया। एक परिवार में पति बृजलाल प्रसाद की मौत हो गई जबकि पत्नी ललिता लापता हैं। वहीं, दूसरे परिवार की ऊषा तो बचा ली गईं लेकिन उनके पति सुरेशचंद्र लापता हो गए। बेटा ऑस्ट्रेलिया में रहता है और पति के लापता होने के बाद से वह घर में अकेली हैं।

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दो मृतकों की फोटो भेजी, भाई की कोई खबर नहीं

संगम स्नान के दौरान डूबे जिन पांच लोगों का अब तक पता नहीं चला, उनमें बांदा के महुआ ब्लॉक निवासी बीए फाइनल ईयर का छात्र दुर्गेश तिवारी भी शामिल है। पिता नवलकिशोर तिवारी व भाई संजय तिवारी कहते हैं, 16 फरवरी को हादसा हुआ और आठ दिन बाद भी उसे खोजा नहीं जा सका।पिता ने बताया कि अरैल प्रभारी ने 21 फरवरी को दो शवों की फोटो भेजी और पहचान करने के लिए कहा। इतनी ही कार्रवाई पुलिस ने की है। उधर दुर्गेश की बहन ने कहा कि एक परिचित ने महाकुंभ में स्थित थानों में जाकर भाई की फोटो दिखाई, तो पुलिसवालों ने जानकारी होने से इन्कार कर दिया। बहन का कहना है कि फोन करने पर अरैल प्रभारी यही कहते हैं कि पता चलेगा तो बता दिया जाएगा। कुछ और कहो तो फोन काट देते हैं।

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संगम व अरैल में हुए थे हादसे, दो अन्य भी लापता

11 व 16 फरवरी को हुए तीन हादसों के बाद पांच लोग लापता हैं। इनमें बिहार के अभिषेक कुमार व सत्यम भी शामिल हैं। 16 फरवरी की दोपहर में दोनों युवक भी नदी में डूब गए थे। इनका भी अब तक पता नहीं चल सका है।

लापता लाेगों की तलाश में हरसंभव प्रयास किए गए। पानी में गोताखोर उतारे गए। एनडीआरएफ से भी तलाश कराई गई। सर्च ऑपरेशन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुई। यह सही है कि अब पानी के भीतर सर्च ऑपरेशन नहीं चलाया जा रहा है। लेकिन, सतह पर लगातार निगरानी की जा रही है। - रजनीश यादव, सीओ जल पुलिस

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