भारत निर्वाचन आयोग को मिली शिकायत के आधार पर आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के क्रम स्कूलों की इमारतें भगवा नहीं, बल्कि सफेद रंग की होनी चाहिए और स्कूलों की दीवारों पर कमल, हाथी जैसा कोई चित्र नहीं होना चाहिए जो किसी पार्टी का चुनाव निशान होगा। आयोग से जारी इस निर्देश के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि स्कूलों की निर्धारित रंग में ही रंगाई-पुताई कराई जाए। बीएसए ने मामले में शिक्षा अधिकारियों से तीन दिनों में आख्या मांगी है।
आयोग में शिकायत की गई थी कि परिषदीय स्कूलों को परंपरागत रूप से सफेद रंग से रंगा जाता था लेकिन, वर्तमान भाजपा सरकार ने स्कूलों की इमारतों को भाजपा के झंडे के रंग या इससे मिलते-जुलते रंग से रंगवाया है। इसके अलावा स्कूलों की चहारदीवारी एवं इमारत के अन्य हिस्सों पर राष्ट्रीय पुष्प का चित्र बनाया गया है, जो भाजपा का चुनाव निशान है।
कमल का फूल हटाकर किसी दूसरे फूल का चित्र बनवाया जाए। कई स्कूलों की चहारदीवारी पर हाथी का चित्र भी बना है, जो बसपा का चुनाव निशान है। इसे भी हटवाया जाए। ऐसे सभी मिलते-जुलते निशान जो चुनाव आयोग की ओर से आवंटित किए गए हैं या आवंटित होंगे, उनके चित्र भी स्कूलों की दीवारों से हटाए जाएं।
शिक्षा से जुड़े ब्लॉक संसाधन केंद्रों अथवा कार्यालयों को भगवा रंग से रंगवाया गया है, जो भाजपा के झंडे के रंग से मिलता-जुलता है। इनका रंग भी बदला जाए। बीएसए की ओर से खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि सभी परिषदीय विद्यालयों के विभागों को निर्धारित रंग में रंगाई-पुताई कराने के निर्देश दिए गए थे।
अगर किसी भिन्न रंग से रंगाई-पुताई कराई गई है तो संबंधित विद्यालयों को तत्काल निर्धारित रंग में रंगवाने के लिए प्रधानाध्यापक को निर्देश जारी किए जाएं। शिक्षाधिकारियों से यह भी कहा गया है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर आयोग को मिली शिकायतों के क्रम में आवश्यक कार्रवाई करते हुए तीन दिनों में आख्या उपलब्ध कराएं।