इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े मामले में चार अभ्यर्थियों को राहत देने से इन्कार कर याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि भर्ती में निर्धारित अंतिम तिथि तक अभ्यर्थी के पास जरूरी शैक्षिक योग्यता होना अनिवार्य है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े मामले में चार अभ्यर्थियों को राहत देने से इन्कार कर याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि भर्ती में निर्धारित अंतिम तिथि तक अभ्यर्थी के पास जरूरी शैक्षिक योग्यता होना अनिवार्य है। बाद में बैक पेपर पास कर लेने से पात्रता पिछली तारीख से नहीं मानी जा सकती। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने बलिया निवासी दिलीप कुमार यादव व तीन अन्य की याचिका पर दिया।
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69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 दिसंबर 2018 थी। इसमें दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र आवश्यक योग्यता था। याचिकाकर्ता उस समय बीटीसी परीक्षा में सफल नहीं हुए थे। बाद में उन्होंने बैक पेपर दिया। अगस्त 2019 को उनका बीटीसी प्रमाणपत्र जारी हुआ। इसके बावजूद उनका आवेदन स्वीकार हुआ, उन्हें भर्ती परीक्षा में शामिल होने का मौका मिला और बाद में चयन के बाद बलिया में सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति भी दी गई। उन्हें वेतन भी मिलता रहा।
वर्ष 2025 में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उनकी पात्रता की जांच की और सेवा समाप्त कर दी। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने कहा कि आवेदन स्वीकार होना, प्रवेश पत्र जारी होना, परीक्षा में सफल होना या बाद में नियुक्ति मिल जाना निर्धारित योग्यता की कमी को दूर नहीं कर सकता। निर्णायक तारीख 22 दिसंबर 2018 को याचिकाकर्ता बीटीसी में सफल नहीं थे। बाद में बैक पेपर पास करने से उनकी पात्रता उस तारीख से नहीं बन सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि लंबे समय तक सेवा करने और वेतन पाने के आधार पर भी ऐसी नियुक्ति को वैध नहीं बनाया जा सकता।