कानपुर के बिल्हौर थाने में दर्ज धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के मुकदमे में जेल में निरुद्ध आरोपियों के नाम से हाईकोर्ट में फर्जी शपथपत्र दाखिल करने का आरोप लगा है। मुकदमे की वादी की ओर से पैरोकार अनूप त्रिपाठी ने कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
कानपुर के बिल्हौर थाने में दर्ज धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के मुकदमे में जेल में निरुद्ध आरोपियों के नाम से हाईकोर्ट में फर्जी शपथपत्र दाखिल करने का आरोप लगा है। मुकदमे की वादी की ओर से पैरोकार अनूप त्रिपाठी ने कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर के मुताबिक, अनूप ने पुलिस को बताया कि बिल्हौर थाने में दर्ज मुकदमे में वह वादी रिद्धि सोहिलगाला की ओर से हाईकोर्ट में पैरोकार हैं। मुकदमे के आरोपियों ने क्रिमिनल मिसलेनियस रिट दाखिल की है।
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आरोप है कि इस याचिका के साथ सात जनवरी 2025 को शाम करीब चार बजे जिला कारागार कानपुर देहात में निरुद्ध प्रदीप बाजपेयी और दीपू के हस्ताक्षर वाला शपथपत्र हाईकोर्ट में दाखिल किया गया। आरोप है कि प्रदीप को बिल्हौर पुलिस सात जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। गिरफ्तारी की सूचना सतेंद्र त्रिवेदी को भी दी गई थी।
वहीं, दीपू दिसंबर 2024 से न्यायिक हिरासत में था। इसके बावजूद उनके नाम और हस्ताक्षर से शपथपत्र तैयार कर हाईकोर्ट में दाखिल किया गया। शिकायत में सतेंद्र त्रिवेदी समेत अन्य लोगों पर कूटरचना, धोखाधड़ी और साजिश का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि अशोक निषाद, मंजू, सावित्री राजो, अरुण और सुरेश समेत अन्य लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर हाईकोर्ट में दाखिल किया। कैंट थाना प्रभारी अमरनाथ राय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।