12 जनवरी को कीडगंज में दर्ज हुआ था केस
मामले की एफआईआर 12 जनवरी 2017 को कीडगंज थाने में दर्ज हुई थी। विवेचना के दौरान याची का नाम सामने आया है। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि याची ने कोई अपराध कारित नहीं किया है। एफआईआर अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ दर्ज कराई गई है। सह अभियुक्तों के बयान के आधार पर याची को फंसाया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सह अभियुक्तों की जमानत मंजूर कर ली है। जवाब में सरकारी अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कहा कि याची ही मुख्य आरोपी है। उसने ही हत्या की सुपाड़ी ली और हत्या का षडयंत्र रचा। कोर्ट ने दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद याची की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।