ब्लॉक क्षेत्र के महेवा कला, दोहथा और केडवर गांव में बने नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टरों के अभाव में शोपीस बनकर रह गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार आवासीय सुविधायुक्त इन अस्पतालों में पिछले दो-तीन वर्षों से चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है, जिससे ग्रामीणों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
महेवा कला और दोहथा के अस्पतालों में फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन सहित दो-तीन कर्मचारी तैनात हैं लेकिन डॉक्टर न होने से इलाज ठप है। केडवर स्थित स्वास्थ केंद्र में फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं हुई है। इसके कारण ग्रामीणों को मामूली इलाज के लिए भी भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल बनने के बाद बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की उम्मीद थी लेकिन डॉक्टरों की तैनाती न होने से इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों ने जल्द से जल्द डाॅक्टरों की तैनाती की मांग की है।