यूपी बोर्ड की ओर से नकल पर नकेल कसने तैयारी सप्ताह भर की परीक्षा में ही फेल हो गई। मंगलवार को हुई गणित की परीक्षा के लिए बोर्ड की ओर से की गई अतिरिक्त तैयारी भी कोई सकारात्मक असर नहीं छोड़ पाई। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर तैनात किए गए मजिस्ट्रेट भी नकल माफिया को रोकने में कामयाब नहीं हो सके। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर पुलिस एवं मजिस्ट्रेट मौजूद नहीं रहे।
यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा से पहले नकल रोकने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट सहित सचल दस्ते की तैनाती के साथ केंद्र व्यवस्थापकाें पर अंकुश लगाने की पूरी कोशिश की गई। परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था की स्थिति से शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ प्रशासन के भी कान खड़े कर दिए। बोर्ड की ओर से नकल रोकने की कोशिश नाकाम होने के बाद हाईस्कूल गणित परीक्षा के लिए बोर्ड ने विशेष तैयारी की थी। सभी केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती करके नकल रोकने की कोशिश तो की गई परंतु इस बार भी नाकामी ही हाथ लगी। केंद्रों पर परीक्षार्थियों के पास सॉल्व कॉपी मिलने के बाद परीक्षा की शुचिता तार-तार हो गई।
प्रदेश भर से गणित के पर्चे में नकल की बड़ी शिकायत के साथ बड़ी संख्या में नकलचियों के पकड़े जाने की सूचना है। यूपी बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि परीक्षा के अंतिम चरण में केंद्र बनाए गए विद्यालयों में शासन एवं सत्ता के नजदीकी संबंध होने के कारण इन पर कार्रवाई संभव नहीं हो रही है। इस कारण से प्रदेश भर की परीक्षा की शुचिता पर संदेह खड़ा हो गया है। बड़ी तैयारी के बाद भी गणित परीक्षा में नकल माफिया को रोकने में असफल बोर्ड को नए सिरे से तैयारी में जुट गए हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा से पहले शासन की ओर से हर वर्ष नकल रोकने के लिए नई-नई घोषणाएं की जाती हैं। परीक्षा शुरू होने पर नकल माफिया के दबाव में शासन की ओर से जारी दिशा निर्देश को किनारे कर बोर्ड के अधिकारी पुराने पैटर्न पर परीक्षा कराने में जुट जाते हैं। 2016 की बोर्ड परीक्षा से पहले शासन केनिर्देश पर परीक्षा कक्ष के बाहर कॉपियां लिखने पर रोक लगाने के लिए मोबाइल ऐप तैयार किया गया। इसमें क्यूआरसी सिस्टम के फेल होने के कारण बोर्ड परीक्षा पुराने पैटर्न पर हो रही है।
गतवर्ष बोर्ड ने सीसीटीवी, परीक्षार्थियों की रिकार्डिंग सहित अनेक योजनाओं की घोषणा की थी, परंतु परीक्षा से पहले सारी घोषणाएं हवा-हवाई साबित हुई। बोर्ड की इन्हीं खामियों का लाभ उठाकर नकल माफिया एक बार फिर से सक्रिय हैं। पूरे प्रदेश हो रही नकल के कारण हो रही किरकिरी से परेशान आखिरकार बोर्ड के अधिकारियों ने बोर्ड कार्यालय में नकल की सही जानकारी नहीं दी जा रही है। बोर्ड कार्यालय में कहा जा रहा है कि जानकारी संबंधित जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक और संयुक्त शिक्षा निदेशक से ले सकते हैं।