बीते 7 माह से लखनऊ और प्रयागराज का रेल संपर्क टूटा हुआ है। एनसीआर प्रशासन की ओर से रेलवे बोर्ड को संबंधित रूट पर ट्रेन चलाने के लिए लिखा गया है, लेकिन अब तक बोर्ड द्वारा इस रूट पर ट्रेन संचालन की मंजूरी नहीं दी गई है। इस बीच रायबरेली पर बन रही पुलिया की वजह से सड़क मार्ग से जाने वाले यात्रियों को भी लखनऊ पहुंचने में काफी समय लग जा रहा है।
कोविड-19 की वजह से 22 मार्च से ही प्रयागराज से लखनऊ के बीच रेल संचालन बंद है, जबकि उत्तर रेलवे द्वारा इस रूट पर गंगा गोमती, लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन चलाए जाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। लेकिन, रेलवे बोर्ड द्वारा अब तक संबंधित रूट पर ट्रेन चलाने की मंजूरी नहीं दी गई है। इस बीच त्योहारी सीजन पर यशवंतपुर से लखनऊ के बीच प्रयागराज जंक्शन के रास्ते एक स्पेशल ट्रेन चल रही है। लेकिन, इसका संचालन सप्ताह में एक ही दिन हो रहा है। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी रेलवे बोर्ड की ओर से इस रूट पर गंगा गोमती, लखनऊ इंटरसिटी के संचालन की अनुमति नहीं दी गई है।
वहीं दूसरी ओर रेलवे द्वारा नए सिरे से बनाई जा रही समयसारणी में प्रयागराज के तमाम स्टेशनों से संचालित लंबी दूरी की पैसेंजर ट्रेनों को एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में चलाने की तैयारी की है। जिन ट्रेनों को एक्सप्रेस ट्रेनों का दर्जा मिल सकता है, उसमें प्रयागराज जंक्शन-झांसी पैसेंजर, प्रयागराज छिवकी-इटारसी पैसेंजर, प्रयागराज संगम-बेली के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन चर्चा है कि रेलवे की जीरो बेस्ड समयसारिणी में इन ट्रेनों को एक्सप्रेस ट्रेन का दर्जा दिया जा रहा है। अगर यह ट्रेनें एक्सप्रेस होती हैं तो इनका ठहराव सभी रेलवे स्टेशनों पर नहीं होगा। साथ ही इन ट्रेनों का किराया भी एक्सप्रेस ट्रेन वाला ही हो जाएगा।