केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एजेंसी नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) ने सोमवार को देश के टॉप 200 विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों एवं अन्य श्रेणियों में शिक्षण संस्थानों की सूची जारी कर दी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) को इस बार तगड़ा झटका लगा और इविवि टॉप 200 में भी जगह नहीं बना सका। इविवि की रैंकिंग लगातार तीसरे साल गिरी है। हालांकि इंजीनियरिंग कॉलेज की सूची में टॉप 100 में शामिल एमएनएनआईटी और ट्रिपल आईटी की रैकिंग में मामूली सुधार हुआ है।
एनआईआरएफ में कई श्रेणियों में रैंकिंग जारी की है। एनआईआरएफ रैंकिंग की व्यवस्था वर्ष 2016 से लागू की गई है। पहले साल इविवि को देश भर के विश्वविद्यालयों में 68वां स्थान मिला था। 2017 की रैंकिंग में इविवि 27 पायदान नीचे चला गया और विश्वविद्यालय को 95वीं रैंक मिली। वर्ष 2018 की रैंकिंग में इविवि की हालत और बदतर हो गई। उसे टॉप 100 से बाहर जाना पड़ा और 144वां स्थान मिला। इस बार स्थिति और शर्मनाक हो गई है। इविवि को देश के टॉप 200 शिक्षण संस्थानों में भी जगह नहीं मिली है।
हालांकि इंजीनियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) और राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) की रैंकिंग में कुछ सुधार हुआ है। एमएनएनआईटी को इस बार 42वीं रैंक मिली है जबकि पिछली बार 48वीं रैंक हासिल हुई थी। वहीं, ट्रिपल आईटी को पिछली बार 90वीं रैंक मिली थी लेकिन इस बार संस्थान ने आठ पायदान की छलांग लगाकर 82वीं रैंक हासिल की है। एमएनएनआईटी को इस बार की रैंकिंग में 47.47 और ट्रिपल आईटी को 37.74 अंक प्राप्त हुए हैं।