हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। रविवार को लखनऊ जाते समय रास्ते में अलफैज की मौत हो गई। शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी डेंगू कहर बरपा रहा है। यमुनापार के मेजा इलाके में डेंगू से पीड़ित जरार गांव निवासी सविता (18) ने निजी अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार को दम तोड़ दिया। मेजा में ही प्राथमिक विद्यालय शिवपुर, अमिलिया में तैनात शिक्षक रजनीश मिश्र ने भी डेंगू के इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनका प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
प्रतापगढ़ के कालाकाकर निवासी भगवानदीन धुरिया (50) डेंगू से कई दिनों से पीड़ित थे। उनका लखनऊ के लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा था। जहां रविवार को उनकी मौत हो गई। रानीगंज थाना क्षेत्र के बरहदा निवासी अंकित (20) का डेंगू से पीड़ित होने के बाद प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। जहां अंकित की रविवार को मौत हो गई। अंकित प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
कौशाम्बी जिले के असरावल निवासी सहरबानो भी पिछले कुछ दिनों से डेंगू से पीड़ित थी और प्रयागराज के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। जहां रविवार को उनकी मौत हो गई। कौशाम्बी के सिराथु , गिरधरपुरगढ़ी निवासी राजा (30) कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थे। जांच में डेंगू की पुष्टि होने और हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए प्रयागराज लेकर आ रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
डेंगू के मिले 39 नए मरीज, कुल मरीजों की संख्या हुई 842
ठंड बढ़ने के साथ ही चिकित्सकों ने उम्मीद जताई थी कि डेंगू के प्रभाव में कमी आएगी। लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। हालत यह है कि एक दिन की राहत के बाद फिर से डेंगू के नए मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा होने लगा है। रविवार को जांच के बाद 39 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
सितंबर से ही जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अक्टूबर में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ने लगा। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की तरफ से डेंगू की रोकथाम के लिए जो कदम उठाए गए, वह काफी साबित नहीं हो रहे हैं। डेंगू प्रभावित इलाकों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहीं कारण है कि अब तक जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा 842 तक पहुंच गया।
राहत इतनी ही है कि 792 मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि अस्पतालों में 23 मरीजों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की माने तो डेंगू से जिले में अब तक छह लोगों की मौत हुई है, जबकि हकीकत इससे काफी अलग है। डेंगू के डंक के डर से हर कोई परेशान है।