अंतरकलह और बगावत के बावजूद मिली रिकॉर्ड जीत
मिनी सदन में बहुमत वाली सरकार की सीएम योगी की अपील जनता ने सुन ली। हालांकि अभिलाषा गुप्ता के अलावा कई बार से जीत दर्ज करते आ रहे पार्षदों के टिकट कटने से अंतरकलह का भी सामना पार्टी को करना पड़ा। सात से अधिक सीटों पर भाजपा के बागियों के मैदान में उतरने से स्थिति असहज हो गई। अंतत: मतदान से दो दिन पहले 27 नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर कड़ा संदेश देने की कोशिश की गई। ऐसे में विरोधी दलों और खेमों को इसका फायदा मिलने के कयास लगाए जाते रहे। लेकिन, नतीजों ने सारी अटकलों पर विराम लगा दिया।
अब रणनीतिकार मान रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी के नाम, विकास और कानून व्यवस्था की दिशा में उठाए गए कदमों की वजह से पार्टी को नगर निगम में जबरदस्त जीत हासिल हुई। इस बार कई वार्डों में बागियों की वजह से पार्टी के मत प्रतिशत में गिरावट भी आई और कई वार्डों में हार का भी सामना करना पड़ा। अब इस जीत के मायने भी निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इससे जहां संगठन में कई नेताओं का कद बढ़ सकता है।