पीसीएस-2020 की मुख्य परीक्षा के आवेदन में माता-पिता के आपराधिक इतिहास के बारे में भी पूछा गया था। अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने शिकायतकर्ता को भेजे गए जवाब में मान लिया है कि ऐसा गलती से हुआ था और अभ्यर्थियों से शिकायत प्राप्त होने के बाद इस गलती को ठीक कर दिया गया था।
पीसीएस-2017 की कॉपी दिखाने से इनकार
पीसीएस-2017 के एक अभ्यर्थी ने कॉपी दिखाने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में जनसूचना अधिकारी के तहत आवेदन किया था, लेकिन आयोग ने कॉपी दिखाने से इनकार कर दिया। अभ्यर्थी आलोक कुमार सिंह ने अक्तूबर-2020 में आरटीआई के माध्यम से कॉपी देखने के लिए आवेदन किया था। आयोग ने आरटीआई के तहत 28 जनवरी को जवाब भेजा, जो आलोक को दो फरवरी को मिला। इसमें लिखा हुआ है कि पीसीएस-2017 की उत्तर पुस्तिकाओं को संरक्षित रखने समयावधि बीत चुकी है।
इस वजह से उत्तर पुस्तिकाओं को अवलोकन कराया जाना संभव नहीं है। आलोक का कहना है कि आयोग ने पीसीएस-2017 की मार्कशीट फरवरी 2020 में जारी की थी। इसके बाद आरटीआई के माध्यम से कॉपी दिखाए जाने का प्रावधान है। कोविड के कारण उस वक्त आवेदन नहीं कर सके। साल भर भी नहीं बीता और आयोग ने कॉपी दिखाने से इनकार कर दिया, जबकि पहले तीन वर्ष तक कॉपी दिखाई जाती थी।