सिविल लाइंस स्थित ढाबे के बाहर सरेआम गुंडई के मामले में आखिरकार पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। मामला मीडिया में आने के बाद हड़कंप मचा तो आननफानन में रात में ही रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुलिस का कहना है कि फिलहाल अज्ञात में मामला दर्ज किया गया है। इसमें से कुछ को चिह्नित कर उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।वारदात सिविल लाइंस में पीडी टंडन रोड पर स्थित राजपूत ढाबे में 18 जनवरी को हुई थी। यहां रात 11.45 बजे के करीब बाइक व कार से पहुंचे आठ-10 युवकों ने खाना न मिलने पर वेटर अमरजीत निवासी चौफटका को बुरी तरह पीटा था। उसे बेलचे व हथौड़े से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था। पूरी घटना ढाबे के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। फुटेज देखने के बाद पता चला कि हमलावरों ने दरिंदगी की हदें पार कर दी थीं। बेसुध होकर सड़क पर गिरने के बाद भी उस पर वार करते रहे थे।
ढाबा मालिक राजशेखर ने अगले ही दिन सुबह थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। शनिवार शाम मामला मीडिया में आया तब सिविल लाइंस थाने में हड़कंप मचा। इसके बाद आननफानन में रात 10 बजे के करीब रिपोर्ट दर्ज की गई। फिलहाल पुलिस ने 8-10 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर राकेश चौरसिया का कहना है कि तीन हमलावरों को चिह्नित कर लिया गया है। उनकी तलाश की जा रही है।
खबर छपने के बाद पहुंची पुलिस
घटना से संबंधित खबर शनिवार को अखबारों में छपी तब जाकर पुलिस की नींद टूटी। इसके बाद आननफानन में सिविल लाइंस थाने के पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की। सूत्रों की मानें तो मामले में शामिल रहे तीन आरोपियों को चिह्नित कर लिया गया है। इनमें से एक राजापुर का रहने वाला रेस्टोरेंट संचालक है और हमलावर उसकी ही कार पर सवार होकर पहुंचे थे। इसके अलावा सीएमपी कॉलेज के एक छात्रनेता व सत्ताधारी पार्टी के एक पदाधिकारी का भी नाम सामने आया है। इनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
पीजीआई में चल रहा है इलाज
उधर हमले मेें घायल वेटर को इलाज के लिए पीजीआई में भर्ती कराया गया है। ढाबा मालिक ने बताया कि उसके पैर, सीने व नाक में चोट आई है। हमले के दौरान पैरों से एक हमलावर ने उसके चेहरे पर वार किया, जिससे उसकी नाक में गंभीर चोट आई है। फिलहाल डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।