आखिरकार लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को मिले पांच सदस्यों में से एक ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दे दिया। पता चला है कि आयोग में उस सदस्य ने लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के साथ मतभेद को चलते यह त्यागपत्र दिया है। सदस्य ने अपना त्यागपत्र प्रमुख सचिव कार्मिक, राज्यपाल के प्रधान सचिव एवं मुख्यमंत्री कार्यालय को फैक्स से भेज दिया है। शासन के अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंघल ने भी सदस्य के त्यागपत्र मिलने की पुष्टि की है।
लोक सेवा आयोग के सूत्रों ने बताया कि जिस सदस्य ने त्यागपत्र दिया है, वह प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के जिले के रहने वाले हैं और उनके बहुत करीबी हैं। पदभार संभालते ही आयोग के नवनियुक्त सदस्य की वेतन विसंगति को लेकर आयोग के अधिकारियों से मतभेद सामने आए थे।
इसके अलावा आयोग के दूसरे सूत्र यह भी बता रहे हैं कि मुख्यमंत्री का करीबी होने के चलते अमुक सदस्य को किसी विवि का कुलपति बनाया जा रहा है, इसलिए उन्होंने त्यागपत्र दिया है। शासन के अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंघल का कहना है कि आयोग के एक सदस्य ने त्यागपत्र दिया है, अभी उसे स्वीकार नहीं किया गया है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में शासन की ओर पांच महीने के इंतजार के बाद पिछले सप्ताह खाली सात सदस्यों में से छह पर प्रो. रजवंत राव, आलोक प्रसाद, सुशीला, एसपी श्रीवास्तव, रामजी मौर्य एवं डीके सिंह शामिल हैं। आयोग के सचिव जगदीश ने सदस्य के इस्तीफे के बारे में किसी प्रकार की जानकारी से इनकार किया। संबंधित सदस्य से बात करने पर उन्होंने भी कुछ बोलने से मना कर दिया।