रात के अंधेरे में घर से निकाला
पीड़िता के अनुसार, बेटी के जन्म लेते ही प्रताड़ना का स्तर बढ़ गया। फरवरी 2026 की एक रात उसे नवजात बेटी के साथ घर से निकाल दिया गया। रात में वह बच्ची को सीने से लगाए मदद की तलाश में भटकती रही। पड़ोसियों ने उसे कुछ समय के लिए सहारा दिया। अगले दिन भी ससुराल वालों ने उसे अपनाने से इन्कार कर दिया।
मायके लौटी, लगाई न्याय की गुहार
घर से निकाले जाने के बाद पीड़िता बच्ची के साथ मुंबई से प्रयागराज स्थित मायके लौटी। जौनपुर के मलीकलां निवासी पति श्याम बिंद, सास हीरामणि और ननद पूजा के खिलाफ महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। तीन महीने चली जांच के बाद 16 जून को रिपोर्ट दर्ज की गई। पीड़िता ने वैवाहिक जीवन बचाने के लिए परिवार परामर्श केंद्र में भी गुहार लगाई है।