इलाहाबाद। नवजात बच्चों को अब पांच बीमारियों के लिए एक ही टीका लगाया जाएगा। नई वैक्सीन ‘पेंटावैलेंट’ में यह सारी खूबियां हैं। वर्ष के अंत तक यह वैक्सीन बच्चों को लगाई जाने लगेगी। साथ ही शुरूआत के छह माह तक लगने वाले नौ टीकों की संख्या भी कम हो जाएगी। बच्चों को छह ही टीके लगेंगे। नए टीके में उन्हें निमोनिया से बचाव का भी उपाय किया गया है। इन टीकों के लगने से नवजात का डिप्टीथिरिया, परट्युफिस (काली खांसी), टिटनेस के साथ निमोनिया और हेपेटाइटिस-बी जैसी बीमारियों से बचाव हो सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण अभियान में अभी तक निमोनिया से बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किया था। अभिभावक बाजार से खरीदकर नवजात को लगवाते थे। इसका टीका काफी मंहगा है। गरीब अभिभावकों के लिए इसे खरीदना बस कीबात नहीं है। इसके चलते कई बच्चों की जान चली जाती है। बच्चों को ऐसी बीमारियों से बचाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की नई गाइडलाइन जारी की है। जिसको देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कदम उठाया है। ‘पेंटावैलेंट’ नामक नई वैक्सीन को टीकाकरण अभियान में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। यह वैक्सीन इस साल के अंत तक बच्चों को लगाई जाने लगेगी।
इस वैक्सीन के लगने के बाद बच्चों को डीपीटी का छठे, 10वें और 14वें हफ्ते में लगने वाला टीका और हेपेटाइटिस-बी का टीका अलग से लगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ‘पेंटावैलेंट’ में इन चारों बीमारियों के साथ निमोनिया (हिप-बी) से भी बचाव के रसायनिक तत्वों को डाल दिया गया है। ‘पेंटावैलेंट’ भी बच्चों को छठे, 10वें और 14वें हफ्ते में लगाई जाएगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि इसके लिए शासन स्तर पर तैयारी चल रही है। कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। सीएमओ का कहना है कि पेंटावैलेंट के शुरू होने से बच्चों की मृत्युदर में कमी आएगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को भले ही पोलियो मुक्त घोषित कर दिया हो लेकिन पाकिस्तान सहित आसपास के मुल्कों में पोलियो के आ रहे मामलों को देखते हुए पोलियो प्रतिरक्षण अभियान को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए अगले साल वह ‘इंनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन (आईपीवी)’ अभियान शुरू करेगा। यह वैक्सीन बच्चों में इंजेक्शन के जरिए इंजेक्ट कराई जाएगी। अभी तक बच्चों को ओरल ड्राप दिया जा रहा है।
इसमें पोलियो के तीनों वायरस पी-1, पी-2 और पी-3 से बचाव के तत्व मौजूद पर्याप्त रसायनिक तत्वों को समाहित किया गया है। इसे ट्राईवैलेंट नाम दिया गया है लेकिन अगले साल से लगाए जाने वाले इंजेक्शन को वाई वैलेंट में कन्वर्ट कर दिया गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी कैप्टन आशुतोष कुमार कहते हैं कि यह इंजेक्शन अगले साल अप्रैल महीने से लगाया जाएगा। बाजार में इसकी एक डोज छह सौ रुपये की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसे मुफ्त में लगाया जाएगा।