वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर प्रो. एसए असांरी का नाम
प्रो. आरआर तिवारी कई अन्य नामों पर भी हो रही चर्चा
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अगले कार्यवाहक कुलपति कौन होंगे, यह दो दिन में स्पष्ट हो जाएगा। मौजूद कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र 14 जनवरी को रिटायर होने जा रहे हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति से पहले वह किसी दूसरे को चार्ज सौंप देंगे।
नए कार्यवाहक कुलपति के लिए प्रो. एसए असांरी, प्रो. आरआर तिवारी समेत कई नामों पर चर्चा की जा रही है। हालांकि, राष्ट्रपति भवन से जारी आदेश में सिर्फ इतना कहा गया है कि वरिष्ठता सूची में जिस शिक्षक का नाम सबसे ऊपर है, उसे कार्यवाहक कुलपति के पद की जिम्मेदारी सौंप दी जाए। वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर प्रो. एसए अंसारी का नाम है और इसके बाद दूसरे नंबर पर प्रो. केएस मिश्र का नाम है। हालांकि अब तब प्रो. केएस मिश्र ही पूर्व कुलपति प्रो. आरएल हांगलू की अनुपस्थिति में कार्यभार संभालते रहे हैं।
वरिष्ठता सूची में तीसरा नाम प्रो. पीके साहू का है, जो 15 जनवरी को रिटायर होने जा रहे हैं। वहीं, चौथे नंबर पर प्रो. आरआर तिवारी और पांचवें नंबर पर प्रो. रंजना बजपेयी का नाम है। प्रो. अंसारी के मामले में चर्चा चल रही है कि उनके खिलाफ कोई पुरानी जांच लंबित है जबकि कुछ लोगों का कहना है कि वह उस जांच में सरकारी गवाह हैं और उनके खिलाफ कोई जांच लंबित नहीं है। ऐसे में इविवि प्रशासन कार्यवाह कुलपति के लिए सबसे पहले उन्हीं के नाम का प्रस्ताव रख सकता है।
हालांकि इविवि के मौजूदा हालात को देखते हुए कुलपति का कांटों भरा ताज पहनने के लिए कौन शिक्षक तैयार होगा, इसके लिए दो दिन का इंतजार करना होगा। अगर कोई शिक्षक इस पद के लिए तैयार नहीं होता है तो वरिष्ठता सूची में शामिल अगले शिक्षक के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा। फिलहाल जो भी अगला कार्यवाहक कुलपति होगा, उसके समक्ष ढेरों चुनौतियां होंगी, जिसमें सबसे बड़ी चुनौती छात्रसंघ की बहाली का मुद्दा है।